56 वादों के साथ लोकसभा चुनाव में जनता को लुभाने के लिए निर्दलीय उम्मीदवार मोहन डेलकर ने जारी किया अपना चुनावी घोषणा पत्र - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
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  • 56 वादों के साथ लोकसभा चुनाव में जनता को लुभाने के लिए निर्दलीय उम्मीदवार मोहन डेलकर ने जारी किया अपना चुनावी घोषणा पत्र
    - रोजगार, उद्योग, शिक्षा, पर्यटन, सामाजिक विकास, खेल विकास, स्वास्थ्य सेवाएं, व्यापार और वाणिज्य, सुविधा और व्यवस्था, पर्यावरण, भूमि और कृषि, महिला सशक्तिकरण, पशुपालन क्षेत्र, पेंशन योजना जैसे विषयों को बनाया मुख्य मुद्दा - सशक्त नेतृत्व, स्वराज संस्थाओं की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के इरादे से जनता की आवाज बनकर लोकसभा में जाने की इच्छा रखता हूं : मोहन डेलकर
    सिलवासा 13 अप्रैल। चुनाव आयोग द्वारा 17वीं लोकसभा का चुनाव कराने के लिए जब से अधिसूचना जारी की गई है तभी से सभी राजनैतिक पार्टियां अपने-अपने तरीके से जनता को अपने पक्ष में लुभाने का प्रयास कर रही है जो एक लोकतंत्र का प्रमुख हिस्सा माना जाता है। उनके किए वादे और घोषणा पत्र को आधार मानकर ही जनता अपने भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए सबसे बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने वालों को अपने शासक के रूप में चुनती है। जहां पूरे देश में बड़ी राजनैतिक पार्टियों, क्षेत्रीय दलों के घोषणा पत्र आ चुके हैं वही आज संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली के निर्दलीय उम्मीदवार मोहन डेलकर ने चुनाव के 10 दिन पहले स्थानीय मुद्दों पर आधारित जिस चुनावी घोषणा पत्र को जारी किया है वह उनके चुनावी नैय्या को पार लगाएगी यह तो जनता ही तय करेगी। लेकिन उन्होंने अपने चुनावी घोषणा पत्र को आज अपने कार्यालय में जारी करते हुए संवाददाताओं से बताया कि वह जनता के कुल 56 मुद्दों के साथ अपना घोषणा पत्र जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि 20 वर्ष तक लोकसभा में प्रतिनिधित्व करने के साथ ही 17वीं लोकसभा में सशक्त नेतृत्व, स्वराज संस्थाओं की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के इरादे से जनता की आवाज बनकर कर लोकसभा में जाने की इच्छा रखता हूं। क्योंकि पिछले 10 वर्षों में मजबूर नेतृत्व के कारण दादरा नगर हवेली की एक भी समस्या संसद के पटल तक नहीं आ पाई है और दादरा नगर हवेली का प्रत्येक नागरिक अपने आपको नेतृत्वहीन समझ रहा है। जनता की इस मजबूरी को अब मजबूती में बदलने का टाइम आ गया है। इसलिए 17वीं लोकसभा में दादरा नगर हवेली में नए और सशक्त लोकतंत्र को स्थापित करने का एक बड़ा माध्यम है जिसे जनता आगे बढ़कर अपने चुनावी अधिकार का उपयोग करते हुए एक सशक्त नेतृत्व का चयन करें। इस अवसर पर मोहन डेलकर ने विभिन्न मुद्दों पर बोलते हुए कहा कि चाहे वह रोजगार हो, चाहे वह सरकारी नौकरी, उद्योग, शिक्षा, पर्यटन, सामाजिक विकास, खेल विकास, स्वास्थ्य सेवाएं, व्यापार और वाणिज्य, सुविधा और व्यवस्था, पर्यावरण, भूमि और कृषि, महिला सशक्तिकरण, पशुपालन क्षेत्र, पेंशन योजना जैसे क्षेत्र में 10 सालों में जो काम किया जाना चाहिए था वह नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि वह अपने घोषणापत्र में दादरा नगर हवेली को 2 जिलों में बांटने के साथ-साथ दो जिला पंचायतों के गठन के भी वादे के साथ जनता के बीच जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण विकास की योजनाओं को अधिकाधिक मात्रा में प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाई जा सके। वहीं उन्होंने पीने की पानी की समस्या का समाधान करने का भी आश्वासन दिया है। मोहन डेलकर ने कहा कि उद्योगों को पिछले 10 वर्षों में बहुत ही पीछे कर दिया गया है। उन्होंने सीधे अफसरशाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि लचर नेतृत्व के कारण उद्योगों को बहुत ही नुकसान झेलना पड़ा है। कभी पीसीसी के नाम पर तो कभी जीएसटी के नाम पर तो कभी परमिशन के नाम पर उद्योगों को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया गया है। अगर वे दादरा नगर हवेली के एमपी चुने जाते हैं तो इन समस्याओं का समाधान 23 मई के तीसरे दिन ही कर दिया जाएगा। इस अवसर पर मोहन डेलकर ने कहा कि सिलवासा नगरपालिका के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कमजोरियों के कारण आज हमारे व्यापारियों को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ा है और इसके साथ ही जनता पर अनाप-शनाप प्रॉपर्टी टैक्स लगा दिया है। अगर वह एमपी बनते हैं तो इसे तत्काल वापस कराया जाएगा। मोहन डेलकर ने कहा कि नॉन गेजेटेड बी, सी और ग्रुप डी की सभी नौकरियों में स्थानिकों को ही मौका दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह स्थानिकों का अधिकार है जो कमजोर नेतृत्व के कारण स्थानिकों को गवांना पड़ा है। यदि वे एमपी बनते है तो सरकार के सहयोग से ऐसे नियम बनाएंगे कि इस ग्रुप में केवल स्थानिकों को ही नौकरी में आवेदन करने का अधिकार होगा।

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