दमण-दीव-दानह प्रशासन के ग्रुप बी,सी और डी नॉन गेजेटेड भर्ती प्रक्रिया के डोमिसाइल के 20 मार्क रद्द - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
  •  

  • RNI NO - DDHIN/2005/16215 Postal R.No.:VAL/048/2012-14

  • देश-विदेश
  • विचार मंथन
  • दमण - दीव - दानह
  • गुजरात
  • लिसेस्टर
  • लंदन
  • वेम्बली
  • संपर्क

  •         Saturday, February 23, 2019
  • Gallery
  • Browse by Category
  • Videos
  • Archive
  • संपादक : विजय भट्ट सह संपादक : संजय सिंह । सीताराम बिंद
  • दमण-दीव-दानह प्रशासन के ग्रुप बी,सी और डी नॉन गेजेटेड भर्ती प्रक्रिया के डोमिसाइल के 20 मार्क रद्द
    - केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (केट) मुंबई बेंच का आदेश
    - केट की मुंबई ब्रांच ने दमण-दीव-दादरा नगर हवेली के डोमिसाइल धारकों को दिये जाने वाले 20 मार्क नीति नियमों एवं संविधान की विभिन्न धाराओं के तहत सुसंगत नहीं होने का दिया तर्क - दोनों संघ प्रदेशों के डोमिसाइल धारक सरकारी नौकरी प्राप्त करने का सपना देखने वाले युवाओं को गंभीर असर होने की संभावना
    असली आजादी ब्यूरो, दमण, 31 जनवरी। भारत की आजादी के कई वर्षों के बाद पुर्तगालियों की गुलामी से आजाद होकर भारत संघ में जुडने वाले दोनों प्रदेश दमण-दीव एवं दादरा नगर हवेली को देश की मुख्य धारा में लाने के लिए कई प्रयास किये गये थे। इसी प्रयास के तहत यहां के स्थानीय नागरिकों एवं यहां 10 वर्ष से अधिक निवास करने वाले नागरिकों के बच्चों को सरकारी नौकरियों में प्राथमिक ता देने के लिए भी तत्कालीन अधिकारियों द्वारा एक प्रयास किया गया था। जिसके तहत दमण-दीव एवं दादरा नगर हवेली के मूल निवासी अथवा इन दोनों प्रदेशों मंे 10 वर्ष से अधिक समय तक निवास करने वाले सरकारी नौकरियों के उम्मीदवारों को 100 में से 20 मार्क देने का प्रावधान किया गया था। इस प्रावधान के तहत स्थानीय एवं डोमिसाइल धारक सैकडों युवाओं को संघ प्रशासन में सरकारी नौकरियां भी प्राप्त हुई थी। लेकिन केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (केट) मुंबई बेंच के एक ताजा आदेश ने सभी की चिंताएं बढा दी है। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (केट) मुंबई बेंच के आदेश में कहा गया है कि दमण-दीव एवं दादरा नगर हवेली प्रशासन द्वारा ग्रुप बी,सी और डी नॉन गेजेटेड भर्ती प्रक्रिया में डोमिसाइल उम्मीदवारों को जो 20 मार्क दिया जा रहे हंै वह संविधान की समानता के विरुद्ध है इसी लिए इसे रद्द किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (केट) मुंबई बेंच ने हाल ही में एक फैसले में बताया कि देश में दो ही प्रकार की सेवाओं का अस्तित्व है एक यूनियन सर्विस और दूसरी स्टेट सर्विस। दमण-दीव केन्द्रशासित प्रदेश होने के कारण देश के हरेक नागरिक का इस प्रदेश में नौकरी एवं व्यवसाय करने का अधिकार है। केट की मुंबई बेंच ने दोनों प्रदेशों में स्थायी निवास करने वाले उम्मीदवारों को दिये जाने वाले 20 मार्क नीति नियमों एवं संविधान की धाराओं के तहत सुसंगत न होने का हवाला देते हुए इसे अमान्य घोषित किया है। केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (केट) मुंबई बेंच के फैसले का प्रभाव स्थानीय एवं स्थायी निवास करने वाले उम्मीदवारों पर पडना तय है।

    FLICKER
    Download Asliazadi's apple and android apps
    फोटो गैलरी
    वीडियो गैलरी
    POLLS