दानह में घरेलू, कृषि एवं व्यवसायिक विद्युत दरों में इस वर्ष नही होगी बढोत्तरी - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
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  •         Saturday, February 23, 2019
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  • संपादक : विजय भट्ट सह संपादक : संजय सिंह । सीताराम बिंद
  • दानह में घरेलू, कृषि एवं व्यवसायिक विद्युत दरों में इस वर्ष नही होगी बढोत्तरी
    दादरा नगर हवेली में विद्युत विनियामक आयोग ने विद्युत दरों पर की जनसुनवाई
    - विद्युत विनियामक आयोग द्वारा जनसुनवाई के समय विद्युत दरों को घटाने अथवा अन्य समस्याओं को लेकर दानह के किसी भी राजनीतिक पार्टी का कोई भी व्यक्ति आयोग के सामने नहीं हुआ प्रस्तुत - दादरा नगर हवेली की राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि जनता की समस्याओं के प्रति इतने उदासीन क्यों? - दादरा नगर हवेली विद्युत वितरण निगम द्वारा आयोग के सामने 2900 करोड रुपए का रखा गया कुल खर्चा तथा 3000 करोड रुपए का बताया गया राजस्व प्राप्ति - प्रति यूनिट पर लगने वाले लगभग 10 पैसे के रेगुलेटरी चार्जेस अप्रैल महीने से हो जाएंगे खत्म - दादरा नगर हवेली विद्युत वितरण निगम ने औद्योगिक दरों में आयोग के सामने 25 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोत्तरी की रखी मांग - फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष अजीत यादव एवं अन्य पक्षकारों ने औद्योगिक दरों में बढ़ोत्तरी ना करने की आयोग के सामक्ष उठाई मांग
    सिलवासा 06 फरवरी। संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली विद्युत वितरण निगम द्वारा प्रतिवर्ष अपने उपभोक्ताओं पर नए विद्युत दरों को लागू करने एवं विद्युत दरों को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा बनाए गए विद्युत विनियामक आयोग द्वारा आज नए विद्युत दरों को लेकर सिलवासा के यात्री निवास होटल में जनसुनवाई आयोजित की गयी। जिसमें दादरा नगर हवेली सभी औद्योगिक एसोसिएशन सिलवासा फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रीज, सिलवासा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, सिलवासा मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन सहित औद्योगिक एसोसिएशन के पदाधिकारी जनसुनवाई के दौरान उपस्थित रहे। लेकिन इस जनसुनवाई में दादरा नगर हवेली का एक भी राजनीतिक पार्टी का प्रतिनिधि अथवा चुने हुए जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा नहीं लिया। आखिर प्रदेश के जनप्रतिनिधि और राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि जनता के लिए निर्धारित किए जाने वाले नीति-नियमों में अपनी रुचि क्यों नहीं दिखा रहे हैं? बड़े ही असमंजस और हैरान करने वाला सवाल है। प्रदेश की जनता की हितों के लिए लड़ने की बात करने वाले जनप्रतिनिधि और राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधि जब आवश्यकता होती है तो ऐसे मंचों पर क्यों नहीं जाते जहां पर दादरा नगर हवेली की जनता के लिए नीति अथवा नियमों का निर्धारण किया जाता है। क्या यह दर्शाता है कि दादरा नगर हवेली के राजनीतिक पार्टियां सिर्फ और सिर्फ सत्ता के लिए राजनीति करती हैं और उन्हें जनता के बुनियादी सरोकार से कोई मतलब नहीं है। फिलहाल आज विद्युत विनियामक आयोग के चेयरमैन एम. के. गोयल एवं मेम्बर नीरजा माथुर के सामने दादरा नगर हवेली विद्युत वितरण निगम द्वारा अपना एआरआर फाइल किया गया। जिसमें इस वर्ष एआरआर में 2900 करोड़ों रुपए का फुल खर्च बताया गया और इस वित्तीय वर्ष में 3000 करोड़ के राजस्व भी दर्शाई गई है। विद्युत विनियामक आयोग ने कृषि, व्यवसायिक, घरेलू सभी दरों में बढ़ोत्तरी न किए जाने की सिफारिश भी की है। जबकि विभाग ने औद्योगिक दरों में 25 पैसे की बढ़ोत्तरी किये जाने की मांग आयोग के सामने रखी है। क्योंकि दादरा नगर हवेली में लगभग 800 मेगावॉट के कुल विद्युत उपयोग में 98% विद्युत उपयोग उद्योगों द्वारा किया जाता है जिसके लिए अन्य दरों में विभाग ने बढ़ोत्तरी की मांग नहीं किया। प्रति यूनिट पर लगने वाले लगभग 10 पैसे के रेगुलेटरी चार्जेस अप्रैल महीने से खत्म हो जायेंगे। इसके जगह पर औद्योगिक विद्युत दरों में प्वॉइंट ऑफ कनेक्शन चार्जेश के तौर पर 25 पैसे अतिरिक्त चार्ज लगाया जायेगा। वहीं सिलवासा फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रीज के वक्ताओं ने आयोग के चेयरमैन से सिफारिश किया कि विभाग द्वारा 25 पैसे की बढ़ोत्तरी की मांग बहुत ज्यादा है, क्योंकि वर्तमान समय में औद्योगिक विषम परिस्थितियों से गुजर रहा है और ऐसे में अगर औद्योगिक बिजली दरों में बढ़ोत्तरी की जाएगी तो अतिरिक्त प्रभार उद्योगों पर पड़ेगा जिससे उद्योगों की हालत और भी पतली हो जाएगी। इस अवसर पर फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष अजीत यादव, सिलवासा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव कपूर, सिलवासा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रकांत पारेख, महासचिव डॉ. रत्नाकर शिल्के, महासचिव नरेन्द्र त्रिवेदी, एसआईए के उपाध्यक्ष अतुल शाह, रिलायंस के एम. के. मोदी, सीमा की तरफ से सुनील जारी सहित भारी संख्या में औद्योगिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस अवसर पर विद्युत विनियामक आयोग की सदस्य सचिव नीरजा माथुर ने सभी पक्षकारों को अवगत कराते हुए बताया कि विद्युत वितरण निगम द्वारा प्रस्तुत किए गए एआरआर के पहलुओं की जांच करने एवं पक्षकारों द्वारा प्रस्तुत किए गए तर्कों की समीक्षा करने के बाद विद्युत विनियामक आयोग विद्युत दरों पर अपना फैसला सुनाएगा।
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