राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दमण-दीव और दानह के म्युनिसिपालिटी (संशोधन) विनियमन 2018 पर लगाई मुहर, तत्काल से किया लागू - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
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  •         Wednesday, October 17, 2018
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  • संपादक : विजय भट्ट सह संपादक : संजय सिंह । सीताराम बिंद
  • राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दमण-दीव और दानह के म्युनिसिपालिटी (संशोधन) विनियमन 2018 पर लगाई मुहर, तत्काल से किया लागू
    - भारत सरकार के कानून एवं न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग ने दमण-दीव-दानह म्युनिसिपालिटी(संशोधन) विनियमन 2018 पर जारी किया गैजेट - अब म्युनिसिपल काउंसिल के प्रशासन को प्रभावी और कुशल बनाने तथा जनहित के कार्यों को करने में मिलेगी मदद - दोनों संघ प्रदेशों के म्युनिसिपल काउंसिल में अब उठा-पटक की राजनीति बन जाएगी इतिहास - दूसरे राज्यों एवं म्युनिसिपालिटी नियमों की तर्ज पर चीफ ऑफिसरों को दिये गये पहले की तुलना में अधिक अधिकार - काउंसिलरों पर नजर रखने के लिये लोकपाल की भी नियुक्ति का प्रावधान
    नई दिल्ली, 31 मार्च। हाल ही में केन्द्रीय कैबिनेट ने दमण-दीव म्युनिसिपालिटी विनियमन में संशोधन को मंजूरी दी थी। इसके पश्चात् इसे संशोधन विनियम को लागू करने के लिये राष्ट्रपति की मुहर लगना और गैजेट अधिसूचना जारी होना जरूरी था। भारत सरकार के कानून एवं न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग ने इसी सिलसिले में 26 मार्च 2018 को भारत सरकार का राजपत्र असाधारण भाग-।।, खंड-1 गैजेट संख्या 13 के तहत दमण-दीव म्युनिसिपालिटी (संशोधन) विनियमन 2018 और राजपत्र असाधारण भाग-।।, खंड-1 गैजेट संख्या 14 के तहत दानह म्युनिसिपालिटी (संशोधन) विनियमन 2018 लागू किया है। संविधान के अनुच्छेद 240 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति द्वारा यह विनियमन जारी किया गया है। इस विनियमन के तहत म्युनिसिपालिटी के चीफ ऑफिसरों को पहले से ज्यादा अधिकार दिये गये है, जिससे म्युनिसिपालिटी के प्रशासन को प्रभावी और कुशलता से कार्य करने में मदद मिलेगी। दमण म्युनिसिपल काउंसिल के कार्यकाल में आये दिन अविश्वास प्रस्ताव लाने और दल-बदल करने की वजह से जनहित के कार्य नहीं हो पाये थे और म्युनिसिपल काउंसिल प्रशासन जैसे धक्के मार-मारकर चलाया जाता था। अब म्युनिसिपल काउंसिल के विनियमन में संशोधन को पारित करने और राष्ट्रपति की मुहर लगने के बाद इसे गैजेट जारी होने पर तत्काल से यानि 26 मार्च से लागू किया गया है तब दमण -दीव और दानह के म्युनिसिपल काउंसिलों में उठा-पटक अब इतिहास बनकर रह जाएगी। इससे म्युनिसिपल काउंसिल के प्रशासन को प्रभावी और कुशल बनाने तथा जनहित के कार्यों को करने में भी मदद मिलेगी। इस संशोधन में दूसरे राज्यों व म्युनिसिपालिटी नियमों की तर्ज पर चीफ ऑफिसरों को भी पहले की तुलना में अधिक अधिकार दिये गये है। संशोधन के अनुसार दल-बदल के आधार पर अयोग्यता के लिए कई प्रावधान दिये गये है जिसके अनुसार कई कारणों से अयोग्य ठहराया जाएगा। संशोधन के तहत पालिका का एक काउंसिलर जो किसी भी राजनीतिक दल द्वारा स्थापित उम्मीदवार के मुकाबले अन्य निर्वाचितों के रूप में निर्वाचित किया गया है, यदि इस तरह के चुनाव के बाद किसी भी राजनीतिक दल में शामिल हो जाता है तो उसे काउंसिल के एक सदस्य होने के लिए अयोग्य घोषित किया जाएगा। गौरतलब है कि गैजट अनुसार विनियमन की 10वीं अनुसूची के प्रावधानों को प्रभावी करने के लिए संघ प्रदेश प्रशासक इसमें दी गई शर्तों के अनुसार नियम बना सकता है। जारी संशोधन में लोकपाल का भी प्रावधान रखा गया है।
    इसके तहत प्रशासक कमेटी द्वारा सिफारिश किया हुआ एक सदस्य नियुक्त किया जाएगा जो लोकपाल की भूमिका निभायेगा। लोकपाल की नियुक्ति के लिये कमेटी में म्युनिसिपल काउंसिल के निदेशक, निवृत्त जज, केंद्र अथवा राज्य के ज्वाइंट सेके्रटरी अथवा उसके उपर के पद से निवृत्त सिविल सेवा अधिकारी और समाज के दो प्रतिष्ठित और बिना दाग के नामांकित व्यक्ति शामिल होंगे। लोकपाल का काम प्रशासनिक कार्यों के निर्वहन में भ्रष्टाचार, अनियमितताओं से जुडे मामलों में कार्रवाई और इस संबंध में जांच तथा पूछताछ करना होगा। लोकपाल का कार्यकाल तीन वर्ष का रहेगा। हालांकि लोकपाल इससे पहले अपना त्यागपत्र प्रशासक को लिखित में दे सकेगा। इसके अलावा लोकपाल को पद से दुर्व्यवहार अथवा अक्षमता के आधार पर प्रशासक के आदेश से हटाया जा सकेगा। लोकपाल के पद पर अवधि समाप्त होने के बाद एवं लोकपाल के पद पर पुन: नियुक्त नहीं हो सकेगा और ना ही संघ प्रदेश प्रशासन अथवा कॉर्पोरेशन, कंपनी, सोसायटी, युनिवर्सिटी अथवा प्रशासन के नियंत्रण में कोई भी ऑफिस संस्थान मेंे किसी पद पर नियुक्त हो पायेगा। इसके अलावा लोकपाल को जांच एवं पूछताछ सहित के लिये कई अधिकार भी दिये गये है।
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