जातिवाद से उपर उठकर मानवता के आधार पर जीवन जीने की जरुरत है : प्रशासक प्रफुल पटेल - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
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  •         Wednesday, October 17, 2018
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  • जातिवाद से उपर उठकर मानवता के आधार पर जीवन जीने की जरुरत है : प्रशासक प्रफुल पटेल
    - भामटी प्रगति मंडल ने डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर की 127वीं जयंती पर किया कार्यक्रम
    - दलित वर्ग के ही नहीं पूरी मानवता के हितैषी थे डॉ. भीमराव आंबेडकर : नरेन्द्र कुमार - बाबा साहब ने दलित समाज के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बहुत कार्य किया है, जिसको भुलाया नहीं जा सकता : लालू पटेल
    असली आजादी ब्यूरो, दमण, 14 अप्रैल। भामटी प्रगति मंडल ने आज स्वामी विवेकानंद ऑडिटोरियम में भारतरत्न डॉ. बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की 127वीं जन्म जयंती पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में संघ प्रदेश प्रशासक प्रफुल पटेल, पूर्व प्रशासक एवं संघ प्रदेशों के चुनाव आयुक्त नरेन्द्र कुमार, दमण-दीव सांसद लालू पटेल की उपस्थिति रही। दमण-दीव एवं दानह प्रशासक प्रफुल पटेल ने लोगों का आह्वान किया कि हमेंे जाति एवं वर्ग के आधार पर जीवन व्यतीत न करके मानवता के आधार पर जीवन व्यतीत करने की जरूरत है, तभी देश के विकास को तीव्र गति से आगे बढ़ाया जा सकता है। जिससे सभी का सर्वांगीण विकास हो सकेगा। प्रशासक प्रफुल पटेल ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर का जन्मदिन आज की पीढि़यों के लिए प्रेरणा लेने का दिन है। उन्होंने समाज के गरीब एवं दलित लोगों के उत्थान हेतु आजीवन संर्घष किया। साथ ही उन्होंने स्वतंत्र भारत के संविधान निर्माण में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। प्रशासक ने कहा कि डॉ. आंबेडकर अत्यंत प्रतिभाशाली व्यक्तित्व के धनी थे। प्रफुल पटेल ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने एक साधारण परिवार में जन्म लेकर असाधारण कार्य किया जिसके चलते उन्हें विश्व वंदन करता है। प्रशासक ने कहा कि भीमराव आंबेडकर को दलित लोगों को न्याय दिलाने, समाज में अस्पृश्यता के विरूद्ध प्रचार करने सहित अनेक सामाजिक कायार्ें के लिए भारतरत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया। हमें आज संकल्प लेना चाहिए कि हम भी डॉ. आंबेडकर के रास्ते पर चलते हुए सामान्य एवं गरीब से गरीब व्यक्ति को भी विकास की धारा में शामिल करने में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि दलित समाज को इतना आगे जाना चाहिए कि दूसरे लोग उन्हें तरक्की करता देखकर शर्मायें। कार्यक्रम में दलित वर्ग के हितांे हेतु दिये गये ज्ञापन की मांगों पर आश्वासन दिलाते हुए कहा कि जल्द ही इन मांगों को पूरा किया जायेगा। इससे पूर्व संघ प्रदेशों के चुनाव आयुक्त एवं दमण-दीव तथा दानह के पूर्व प्रशासक नरेन्द्र कुमार ने कहा कि डॉ. भीमराव अंाबेडकर मात्र दलित वर्ग के ही नहीं बल्कि पूरी मानवता के हितैषी थे। डॉ. आंबेडकर ने बचपन से मृत्यु तक शोषण एवं दोहन तथा जातिवाद का दंश झेलते हुए एक स्वप्न देखा था कि समानता पर आधारित समाज का निर्माण हो, जिसमें व्यक्ति की गरिमा एवं ईमान को समान भाव मिल सके, मगर उनके द्वारा किये गये कार्य को कुछ लोगोंे द्वारा उन्हें केवल दलित वर्ग का हितैषी बताया जाता रहा है, जो कि बिल्कुल गलत है। नरेन्द्र कुमार ने संविधान का मूल मंत्र समझाते हुए बताया कि संविधान के अनुसार एक ऐसा समाज का निर्माण करना था, जिसमें सामाजिक, राजनैतिक तथा आर्थिक समानता, स्वतंत्रता एवं न्याय हो। जब ये सब होगा तभी लोकतंत्र बचेगा और देश का विकास हो पायेगा। वर्तमान हालातों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने क्या स्वप्न देखा था और उनके स्वप्न का क्या हाल हुआ। पूर्व प्रशासक नरेन्द्र कुमार ने बाबा साहेब द्वारा गोलमेज मीटिंग में कही गई बातों का उल्लेख करते हुए बताया कि किस प्रकार बाबा साहब ने दूरगामी सोच के साथ दलित समाज के हितों के लिए अपना पक्ष रखा था। उन्होंने कहा कि बाबा साहब द्वारा अस्पृश्यता एवं दलितों के विरूद्ध हीनता वाली कहीं गई बातें आज भी देखने को मिल रही हैं। इस दौरान उन्होंने कई ज्वलंत उदाहरण भी बताये। उन्होंने कहा कि आज तक भारत के सभी प्रधानमंत्री हमेशा से बखान करते आये हैं कि भारत एक युवा देश है लेकिन ज्यादातर युवाओं को शिक्षा से वंचित रखा गया, जिसके कारण देश की शिक्षा व्यवस्था का हाल बिगड़ा हुआ है। आज 8वीं कक्षा पास छात्र कक्षा 3 की किताब भी नहीं पढ़ सकता। वहीं सरकार द्वारा आजादी के 60 वर्ष बाद वर्ष-2012 में शिक्षा का अधिकार लागू किया गया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एक्ट्रोसिटी एक्ट को खत्म कर दिया है। इस पर किसी एमपी ने आवाज नहीं उठाई, एक-दो लोगों ने उठाई भी तो दबी आवाज में। नरेन्द्र कुमार ने कहा कि सामंतवादी एवं सवर्ण जजों ने हमेशा दलित समाज की आवाज को दबाने की कोशिश की है। नरेन्द्र्र कुमार ने कहा कि पहले तो हमें सामाजिक भिन्नता को खत्म करके एक होकर अपनी ताकत को पहचानना होगा, जिससे हम एक राजनीतिक ताकत बन कर उभर सकें, और स्वयं अपना प्रतिनिधित्व कर सकें। नरेन्द्र्र कुमार ने अंत में कहा कि अगर अभी भी राष्ट्र के कर्णधार नहीं चेते तो काफी देर हो जायेगी। कार्यक्रम के दौरान सांसद लालू पटेल ने कार्यक्रम के दौरान डॉ. आंबेडकर के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बाबा साहेब ने दलित समाज के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में बहुत कार्य किया है, जिसको भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के लोगों का दिल बहुत बड़ा है। सांसद लालू पटेल ने इस दौरान प्रशासक प्रफुल पटेल एवं पूर्व प्रशासक नरेन्द्र कुमार की जमकर तारीफ की। कार्यक्रम की शुरूआत मुख्य अतिथियों के स्वागत के बाद डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यापर्ण व दीप प्रज्ज्वलन कर की गई। इसके बाद स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम में भामटी प्रगति मंडल के उपप्रमुख एवं वर्तमान प्रवाह समाचार पत्र के संपादक मुकेश गोसावी ने डॉ. आंबेडकर पर भाषण देने के बाद दलित समाज की मांगों को लेकर प्रशासक को एक ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर डीआईजी बी. के. सिंह, प्रशासक के निजी सलाहकार डी. सत्या, जिला कलेक्टर संदीप कुमार सिंह, उपजिला कलेक्टर कृष्ण कुमार, प्रदेश भाजपा प्रमुख गोपाल दादा, डीएमसी प्रेसिडेंट शौकत मिठाणी, स्वाधीन वुमेन फाउंडेशन की प्रमुख अंकिता पटेल, विद्युत विभाग के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर एम. आर. इंग्ले, विष्णु दमणिया, दमण माह्यावंशी समाज के प्रमुख रितेश कोन्ट्राक्टर, माह्यावंशी विकास मंच के मनोहर पटेल, आदिवासी समाज के प्रमुख धीरू धोडी, भामटी प्रगति मंडल के प्रमुख अनिल दमणिया, दमण दलित समाज के प्रतिनिधि एवं बडी संख्या में लोग उपस्थित रहे। स्वागत प्रवचन ईश्वर राठोड ने किया। कार्यक्रम का सफल संचालन पुष्पा गोसावी एवं शर्मिला परमार ने किया।

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