दमण-दीव में सीआरजेड 1996 में हुआ था लागू, 22 साल के बाद भी असमंजस की स्थिति बरकरार - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
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  •         Wednesday, February 21, 2018
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  • दमण-दीव में सीआरजेड 1996 में हुआ था लागू, 22 साल के बाद भी असमंजस की स्थिति बरकरार
    - 2011 में भारत सरकार ने सीआरजेड के लिए नया नक्शा एवं प्लान तैयार करने को कहा था, लेकिन 6 साल के बाद अभी भी फाइल में अटका सीआरजेड का मसला
    असली आजादी ब्यूरो, दमण 24 जनवरी। केन्द्रशासित प्रदेश दमण-दीव पिछले 22 सालों से सीआरजेड की असमंजस वाली स्थिति के कारण परेशान है। 1991 में भारत सरकार ने सीआरजेड कानून लागू किया था लेकिन दमण-दीव में 1996 में संघ प्रशासन द्वारा नोटिफिकेशन जारी होने के बाद सीआरजेड लागू हुआ। उस वक्त कार्यालयों में बैठककर ही अधिकारियों ने मनमाने तरीके से सीआरजेड की अलग-अलग श्रेणियों को दमण-दीव के अलग-अलग क्षेत्रों के लिए लागू किया। उस वक्त भी पूरा दमण और दीव विकसित क्षेत्र था फिर भी शहर के हिस्से को सीआरजेड-2, ग्रामीण क्षेत्र को सीआरजेड-3 में शामिल कर दिया। ऐतिहासिक धरोहर वाला एवं नदी किनारे वाला क्षेत्र तो अपने आप सीआरजेड-1 में आ गया। सबसे ज्यादा परेशानी सीआरजेड-3 में हुई। क्योंकि जंपोर से लेकर कडैया माछीवाड तक ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को अपने निवास बनाने के लिए सीआरजेड-3 में काफी दिक्कतों का सामना करना पडा है। जबकि पिछले 400-500 सालों से समुद्र किनारे ही इस पूरे क्षेत्र में लोग बसे हुए है। 2011 में भारत सरकार ने पूरे देश में सीआरजेड की वास्तविक स्थिति एवं उसकी श्रेणियों पर समीक्षा करते हुए सभी राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों को अपने-अपने प्रदेशों के लिए सीआरजेड के नये नक्शे एवं प्लान तैयार करने का निर्देश दिया था। दमण-दीव प्रशासन के अधिकारियों ने 2013 तक तो इस पर कोई काम ही नहीं किया। 2014 में तत्कालीन विकास आयुक्त ने दमण और दीव के नक्शे एवं प्लान पर काम शुरू किया लेकिन उनके जाने के बाद फिर एक बार सीआरजेड की फाइल ठंडे बस्ते में चली गई। 1996 से 2018 तक दमण और दीव की जनता ने सीआरजेड के नाम पर खूब अन्याय सहा है। अपनी ही जमीन पर अपने परिवार के लिए घर बनाना ही दुष्वार है। 22 साल से सीआरजेड के नाम पर संघ प्रदेश दमण-दीव को विकास करने से रोका जा रहा है। जब तक सीआरजेड में भौगोलिक परिस्थिति के अनुसार लचीलापन नहीं दिखाया जायेगा तब तक दमण-दीव का विकास कैसे होगा? दमण की बात करें तो दमण तीन नदियों से घिरा हुआ है। अरबी समुद्र के किनारे है। दमण शहर के मध्य में ऐतिहासिक धरोहर भी है। दमण शहर के ही मध्य में एयरपोर्ट भी है और दमण तो सिर्फ 72 स्क्वॉयर किलोमीटर क्षेत्रफल वाला छोटा सा प्रदेश है। दीव 40 स्क्वॉयर किलोमीटर वाला क्षेत्र चारों तरफ से समुद्र से घिरा हुआ है दीव के मध्य में भी ऐतिहासिक धरोहर है। ऐसे में दमण और दीव को सीआरजेड की अलग-अलग श्रेणियों में बांधे रखने के स्थान पर पूरे दमण को सीआरजेड-2 और दीव को आइलैंड घोषित करने का समय आ गया है।

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