गजेन्द्र हल्दिया की निवास के लिए जोन, सेटबेक सहित की छूट देने की बात जनता को कर गई स्पर्श - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
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  •         Wednesday, April 25, 2018
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  • संपादक : विजय भट्ट सह संपादक : संजय सिंह । सीताराम बिंद
  • गजेन्द्र हल्दिया की निवास के लिए जोन, सेटबेक सहित की छूट देने की बात जनता को कर गई स्पर्श
    - दमण-दीव प्रशासन की रियायती किराये वाले स्मार्ट निवासस्थान प्रोत्साहन योजना ''स्पर्श'' की हुई बैठक
    - प्लानिंग कमिशन के पूर्व सदस्य एवं प्रशासन की स्पर्श योजना के मानद सलाहकार गजेन्द्र हल्दिया ने जनता के साथ खुली बैठक में टाउन एवं प्लानिंग अधिकारी पी.पी. परमार से कहा: आप जो सेटबेक -सेटबेक कर रहे हो लेकिन रोम, पेरिस और यू.के. के डाउन टाउन क्षेत्र देखे हैं? वहां एक ही रॉ में सभी के घर होते हैं - जिला कलेक्टर संदीप कुमार सिंह को गजेन्द्र हल्दिया ने सुझाव दिया कि स्थानीय नागरिकों को एग्रीकल्चर जोन में निवास बनाने की छूट दी जाये तोआपकी योजना पूरी तरह से सफल रहेगी - जनता से सीधे मुखातिब होते हुए गजेन्द्र हल्दिया ने जन भावना और जन अपेक्षाओं को बारीकी से समझा - दमण में एग्रीकल्चर जोन में रियायत, सेटबेक में छूट और एफएसआई मे बढोत्तरी जैसे सुझाव मैंने प्रशासन को दे दिये हैं, प्रशासक ही इसमें अंतिम निर्णय ले सकते हैं : गजेन्द्र हल्दिया - आज की बैठक में बडी संख्या में स्थानीय चॉल मालिक और उद्योगपतियों के साथ-साथ उमेश पटेल, जयेश पटेल, ईश्वर पटेल, दिनेश धोडी, अस्पी दमणिया भी रहे उपस्थित - उमेश पटेल ने स्थानीय चॉल मालिकों की दिक्कतों को, स्पर्श योजना से जुडने में आ रही बाधाओं को गजेन्द्र हल्दिया के समक्ष पेश किया - डीआईए के पूर्व प्रेसिडेंट सत्येन्द्र कुमार ने स्थानीय चॉल मालिकों के पक्ष में दिया बयान - आर्किटेक्ट जिज्ञेश कापडिया ने स्पर्श योजना के विषय में कई आशंकाओं से जुडे सवाल पूछे - गजेन्द्र हल्दिया ने सभी आशंकाओं को दूर किया
    दमण। दमण-दीव प्रशासन की रियायती किराये वाले स्मार्ट निवासस्थान प्रोत्साहन योजना ''स्पर्श'' की आज सचिवालय के सभागार में बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में जिला कलेक्टर संदीप कुमार के खास आमंत्रण पर आये प्लानिंग कमिशन के पूर्व सदस्य एवं प्रशासन की स्पर्श योजना के मानद सलाहकार गजेन्द्र हल्दिया ने स्पर्श योजना के से जुडे हिस्सेदार (स्टेक होल्डर) के साथ बैठक की। जनता से सीधे मुखातिब हुए प्लानिंग कमिशन के पूर्व सदस्य एवं प्रशासन की स्पर्श योजना के मानद सलाहकार गजेन्द्र हल्दिया ने लोगों के सुझाव सुनने और दमण में छोटे निवास के लिए बनाये गये रुल्स देखने के बाद स्पष्ट कहा कि हमें निवासों के निर्माण में थोडा लचीलापन दिखाना पडेगा। उन्होंने टाउन एवं प्लानिंग के अधिकारी पी.पी. परमार से सीधा सवाल करते हुए कहा कि आपने 50 मीटर के प्लॉट में 3.5 मीटर का सेटबेक तय किया है तो आप बताओ कुल प्लॉट के क्षेत्र में घर के लिए जगह बचेगी कितनी? गजेन्द्र हल्दिया ने कहा कि एसी चेंबर में बैठकर आर्किटेक्ट और इंजीनियर रुल्स बना देते हंै लेकिन उन्हें क्या पता कि जनता की स्थिति क्या होती है? उन्होंने कहा कि वे जब राजस्थान में हाउसिंग अथॉरिटी में थे तब उन्होंने ऐसा नियम बनाया था कि छोटे प्लॉट वालों को घर बनाने के लिए प्लान पास कराने की कोई आवश्यक्ता नहीं। गजेन्द्र हल्दिया ने पी.पी. परमार से पूछा कि आप रोम, पेरिस और यू.के. का डाउन टाउन एरिया तो फिल्मों में देखा होगा? जिसमें एक ही रॉ में कितने घर होते हैं। हर घर एक दूसरे के साथ जुडा होता है। भारत में भी ग्रामीण एवं छोटे शहरों में आज भी एक दूसरे के घर एक दूसरे के साथ जुडे हुए हैं। उन्होंने कहा कि नेशनल बिल्डिंग बायलॉज बनाने वालों ने छोटे प्लॉट और छोटे घरों को आ रही दिक्कतों के बारे में शायद सोचा ही नहीं है। गजेन्द्र हल्दिया ने उपस्थित जनों द्वारा 90 प्रतिशत से ज्यादा चॉल एग्रीकल्चर जोन में बने होने का जब खुलासा किया तो उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन एग्रीकल्चर जोन में स्पर्श से जुडी योजना को मंजूरी दे तो क्या आप लोग समयबद्ध तरीके में वर्तमान चॉलों को हटाकर पक्के मकान बनाकर योजना से जुड जाओगे? जिसके जवाब में ज्यादातर लोगों ने हां कहा। गजेन्द्र हल्दिया ने जिला कलेक्टर संदीप कुमार से कहा कि समयमर्यादा तय की जाय जिसमें जो लोग स्वेच्छा से इस योजना से जुडना चाहते हैं और उनका निर्माण वर्तमान में एग्रीकल्चर जोन में बना हुआ है उनके प्लॉटों को एनए कर प्लॉन पास करके दे देना चाहिए। प्लान पास होने के बाद डेढ वर्ष का समय यानि कि दिसंबर 2019 तक इन लोगों को पक्के मकान बनाने पडेंगे। एग्रीकल्चर जोन में निवास के लिए रियायत और प्लान पास की गजेन्द्र हल्दिया द्वारा दिये गये प्रस्ताव पर उपस्थित स्थानीय लोगों ने खुशी व्यक्त करते हुए तालियों की गडगडाहट से उनका स्वागत किया। हालांकि गजेन्द्र हल्दिया ने कहा कि भाई ताली मत बजाओ मैं कोई नेता नहीं हूं। मैंने एग्रीकल्चर जोन में निवास के लिए रियायत, सेटबेक में रियायत सहित के प्रस्ताव प्रशासन को दिया है। इस पर अंतिम निर्णय प्रशासक लेंगे। इससे पहले तय समय से एक घंटा देरी से बैठक शुरु होने पर गजेन्द्र हल्दिया ने सभी उपस्थितों के समक्ष खेद जताया। इसके बाद उन्होंने सभी से स्पर्श योजना के संबंध में अपने-अपने सुझाव देने को कहा। सबसे पहले चॉल मालिकों की ओर से यूथ एक्शन फोर्स के प्रमुख उमेश पटेल ने इस योजना से स्थानीय चॉल मालिकों को संभवित खतरे के बारे में सवाल उठाया। उमेश पटेल ने कहा कि 90 के दशक में जबसे दमण में उद्योग स्थापित हुए है तब से हमारे स्थानीय लोगों ने छोटी-छोटी रुम बनाकर चॉल तैयार की है। जिसमें महज 1000-1200 रुपये में हमारे स्थानीय लोग रुम किराये देते आये हैं। कामदारों को सस्ते किराये में हमारे स्थानीय लोग रुम दे रहे हैं। अगर उनकी चॉल तोडी गई तो बडी संख्या में लोगों को इससे हो रही रोजगारी से हाथ धोना पड सकता है। इसके जवाब में प्लानिंग कमिशन के पूर्व सदस्य एवं प्रशासन की स्पर्श योजना के मानद सलाहकार गजेन्द्र हल्दिया ने कहा कि मेरा काम इससे जुडा हुआ नहीं है। यह आप लोग और प्रशासन के बीच का मसला है। उमेश पटेल ने ज्यादातर चॉल एग्रीकल्चर जोन में बने होने की समस्या बताई थी। डीआईए के पूर्व प्रेसिडेंट सत्येन्द्र कुमार ने चॉल मालिकों के पक्ष में अपने सुझाव दिये। आर्किटेक्ट जिज्ञेश कापडिया ने स्पर्श योजना से जुडी कुछ आशंकाएं व्यक्त की जिसका समाधान तुरंत ही गजेन्द्र हल्दिया ने कर दिया। कुल मिलाकर देखें तो आज जनता से सीधे जुडकर भले ही मानद सेवा देने वाले गजेन्द्र हल्दिया जनता की अपेक्षाओं एवं भावनाओं को जो समझा है उसे देखकर यह महसूस हो रहा था कि गजेन्द्र हल्दिया द्वारा कही गई बातें और दिये गये प्रस्ताव दमण की स्थानीय जनता को स्पर्श कर गये।

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