रिबन डेवलपमेंंट नोटिफिकेशन पर सुझाव-आपत्ति देने को लेकर आखिर क्यों इच्छुक नहीं है दादरा नगर हवेली के लोग - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
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  •         Sunday, December 16, 2018
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  • रिबन डेवलपमेंंट नोटिफिकेशन पर सुझाव-आपत्ति देने को लेकर आखिर क्यों इच्छुक नहीं है दादरा नगर हवेली के लोग
    - 17 नवंबर को समाप्त हो जाएगी आपत्ति एवं सुझाव देने की समय सीमा, अभी तक सिर्फ प्राप्त हुए हैं 12 सुझाव
    सिलवासा, 13 नवंबर। संघ प्रदेश दादरा नगर हवेली मेंं सड़क से निर्माण की दूरी तय करने के लिए प्रशासन द्वारा अपने योजना एवं विकास प्राधिकरण के माध्यम से गोवा-दमण-दीव-दादरा नगर हवेली अर्बन डेवलपमेंंट एक्ट का नया नोटिफिकेशन जारी किया गया है। 17 अक्टूबर को जारी किए गए इस नए नोटिफिकेशन के अनुसार लोग 17 नवंबर तक अपनी आपत्तियां एवं सुझाव विभाग मेंं जमा करा सकते थे लेकिन 1 महीने का समय सीमा अब समाप्त होने को आ गया है विभाग को केवल 12 सुझाव प्राप्त हुए हैं। क्योंकि बड़े आश्चर्य की बात है जो नियम सड़कों के लेकर प्रशासन आई है उससे पूरा दादरा नगर हवेली प्रभावित होगा और लोगों को करोड़ों रुपए का नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। क्योंकि इस नियम के माध्यम से बिल्डिंग कंट्रोल लाइन अलग-अलग तरह के मार्गों पर अलग-अलग हो जाएगी जिसमेंं स्टेट हाईवे घोषित मार्गों पर कंट्रोल लाइन 75 मीटर हो जाएगी। मेंजर डिस्ट्रक्टि रोड पर 50 मीटर हो जाएगी, वहीं अगर डिस्ट्रक्टि रोड पर 30 मीटर हो जाएगी और विलेज रोड पर 24 मीटर हो जाएगी अगर यह नियम लागू हो जाता है तो हजारों की संख्या मेंं लोगों की सड़क किनारे स्थित जमीने जीरो हो जाएंगी और वे इन जमीनों को न तो बेच सकते हैं और ना ही इस पर वे किसी तरह का निर्माण कार्य कर सकते हैं। सबसे बडा सवाल यह है कि इतने बड़े नुकसान के बावजूद आखिर लोग अपनी बात को लेकर प्रशासन के सामने क्यों नहीं आ रहे हैं? इस चुप्पी को लेकर बड़े सवाल उठाए जा रहे हैं? लेकिन सवाल उठाने वाला भी सुझाव और आपत्ति देने को तैयार नहीं है। अगर दादरा नगर हवेली की बड़ी राजनीतिक पार्टियों की बात की जाए तो न तो कांग्रेस ने और ना ही सत्ताधारी पार्टी भाजपा ने जनता के हित मेंं ध्यान को रखकर प्रशासन के सामने रिबन डेवलपमेंंट के खिलाफ आपत्ति एवं सुझाव नहीं दिया है। ऐसे मेंं भाजपा के कुछ पूर्व पदाधिकारियों ने अपने नाम से इस नए नोटिफिकेशन पर आपत्ति दर्ज कराई है, लेकिन कांग्रेस की तरफ से कोई भी आपत्तियां एवं सुझाव नहीं आया है। रिबन डेवलपमेंंट एक्ट को लेकर जो 12 सुझाव अथवा आपत्तियां आई है उसमेंं कुछ बड़े नाम है जिसमेंं दादरा नगर हवेली के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह परमार, दादरा नगर हवेली के पूर्व कांग्रेसी नेता कौशिल शाह जो अब कांग्रेस मेंं नहीं है, दादरा नगर हवेली के प्रदेश भाजपा महामंत्री अनिल पटेल, लोक जनशक्ति पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजन सोलंकी सहित अन्य लोग शामिल हैं। संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली प्रशासन द्वारा 17/10/2018 के दिन प्रशासन के शहरी विकास विभाग के उप-सचिव, शहरी विकास विभाग, दादरा एवं नगर हवेली के जरिए एक राजपत्र नंबरयूडी/डीएनएच/105(24)/रिबन डेवलपमेंंट रुल्स/2018/26/ दिनांक 17/10/2018 को जारी किया गया था। उपरोक्त राजपत्र दमण एवं दीव और दादरा एवं नगर हवेली के प्रशासक के अनुमोदन से जारी किया गया था। दादरा एवं नगर हवेली के सभी राजनीतिक दल एवं जनता भली-भांति जानती है कि संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली में आउट लाइन डेवलपमेंंट प्लान सन 2014 में गोवा, दमण एवं दीव टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट, 1974 के सेक्शन 36 के मुताबिक उस वक्त के प्रशासक महोदय ने मंजूर किया था और वो अभी भी लागू है और उसके साथ दादरा एवं नगर हवेली में सभी प्रकार के निर्माण कार्य हेतु डेवलपमेंंट कंट्रोल रुल्स, 2014 भी लागू किया था। जिसके आधार पर दादरा एवं नगर हवेली में निर्माण कार्य की मंजूरी दी जाती है। दादरा एवं नगर हवेली में जितने भी रोड है वह सब राजपत्र में 12 मीटर, 15 मीटर , 18 मीटर, 25 मीटर, 30 मीटर, 35 मीटर, 45 मीटर (विलेज रोड, अन्य जिला मार्ग, मुख्य जिला मार्ग एवं राज्य राज मार्ग) सहित घोषित किए जा चुके हैं। संघ प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली 491 चौरस किलोमीटर वर्ग में फैसला हुआ छोटा सा प्रदेश है और बहुल आदिवासी प्रदेश है। यहां का 40 प्रतिसत हिस्सा जंगल के लिए आरक्षित है एवं बाकि 20 प्रतिशत हिस्सा ग्रीन जोन में आता है। बाकि बचे हिस्से में निर्माण कार्य की मंजूरी ज़ोन के मुताबिक दी जाती है। दादरा एवं नगर हवेली में आदिवासियों की जमीन एवं यहां के मूलनिवासियों की जमीन जो की रोड से लागू है उनकी कीमत अगर रिबन डेवलपमेंंट रुल्स लागू होता है तो कौडी की रह जाएगी। चूकिप्रसाशन अपनी मनमानी करता है एवं यह प्रदेश भारत सरकार के गृह मंत्रालय के आधीन है यहां पर दानिक्स अधिकारी डेपुटेशन पर आते हैं उनको दादरा एवं नगर हवेली की भौगोलिक परिस्थिति मालूम नहीं होती अपनी मनमानी करते हैं। रिबन डेवलपमेंंट रुल्स आने की वजह से यहां की जमीनों की कीमत कौडी की रह जायेगी। उपरोक्त रिबन डेवलपमेंंट रुल्स बगैर चीफ टाउन प्लानर, दादरा एवं नगर हवेली, बगैर चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी एवं बगैर योजना एवं विकास प्राधिकरण की मंजूरी एवं बगैर दादरा एवं नगर हवेली टाउन एंड कंट्री प्लानिंग बोर्ड की मंजूरी के एक दानिक्स अधिकारी द्वारा अपने मनमानी तरीके से बनाया गया है। रोड एवं निर्माण कार्य के संबंधित कोई भी निर्णय एवं रुल्स बनाने से पहले उसकी रूप-रेखा चीफ टाउन प्लानर, चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी एवं कार्यकारी अभियंता रोड डिवीजन बनाते हैं। उसके बाद उक्त रुल्स को दादरा एवं नगर हवेली योजना एवं विकास प्राधिकरण में मंजूरी के लिए रखा जाता है एवं दादरा एवं नगर हवेली योजना एवं विकास प्राधिकरण के तकनीकी समिति उसको जांच करके उसको अनुमोदन देती है। उसके बाद चीफ टाउन प्लानर, दादरा एवं नगर हवेली उपरोक्त मंजूर रूप-रेखा को दादरा एवं नगर हवेली के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग बोर्ड जिसका चेयरमैन प्रशासक के सलाहकार/सचिव (शहरी विकास) होता है एवं उपरोक्त बोर्ड के अन्य सदस्यो में दादरा एवं नगर हवेली का संसद सदस्य, जिला समाहर्ता, दो टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के जानकार होते हैं एवं चीफ टाउन प्लानर उसके सदस्य सचिव होते हैं। कोई भी रुल्स उपरोक्त सदस्यों की समिति के सामने रखे जाते हैं। दादरा एवं नगर हवेली टाउन एंड कंट्री प्लानिंग बोर्ड उपरोक्त रूप-रेखा पर विचार विमर्श करके उसमें जरूरी बदलाव करने का आदेश चीफ टाउन प्लानर को देती है। चीफ टाउन प्लानर उसमें जरूरी बदलाव दादरा नगर हवेली योजना एवं विकास प्राधिकरण की मंजूरी के साथ करता है और फिर से दादरा एवं नगर हवेली टाउन एंड कंट्री प्लानिंग बोर्ड में मंजूरी के लिए रखता है। बोर्ड उसको मंजूरी देता है तो उसके बाद चीफ टाउन प्लानर उपरोक्त रूप-रेखा को प्रशासक महोदय के सामने मंजूरी के लिए भेजता है एवं प्रशासक की मंजूरी के बाद ही कोई भी रुल्स की रूप-रेखा को आम जनता के सुझाव एवं आपत्ति के लिए रखा जाता है। लेकिन दिनांक 17/10/2018 को जारी राजपत्र नंबर यूडी/डीएनएच/105(24)/रिबन डेवलपमेंंट रुल्स/2018/26 दिनांक 17/10/2018 के लिए ऐसी कोई भी मंजूरी दादरा एवं नगर हवेली योजना एवं विकास प्राधिकरण एवं टाउन एंड कंट्री प्लानिंग बोर्ड की ली नहीं गयी है।
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