गुजरात के उद्योगों का प्रदूषित पानी दमण के समुद्र में हरगीज नहीं छोडने देंगे : प्रशासक प्रफुल पटेल - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
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  •         Monday, August 20, 2018
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  • गुजरात के उद्योगों का प्रदूषित पानी दमण के समुद्र में हरगीज नहीं छोडने देंगे : प्रशासक प्रफुल पटेल
    - तीन दशकों के बाद पहली बार दमण-दीव प्रशासन की जीपीसीबी को दो टूक - गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों से प्रशासक प्रफुल पटेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा: दमण-दीव प्रशासन की अनुमति के बिना समुद्र तक पाइपलाइन डालने की कोशिश की तो हम उसे रोकेंगे - प्रशासक प्रफुल पटेल ने गुजरात राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन एवं गुजरात राज्य के वन एवं पर्यावरण विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अरविंद अग्रवाल के साथ मोटी दमण सचिवालय में की बैठक
    असली आजादी ब्यूरो, दमण 09 फरवरी। दमण-दीव प्रशासन ने 3 दशक के बाद पहली बार गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दो टूक भाषा में सुना दिया कि दमण के समुद्र में गुजरात के उद्योगों द्वारा छोडा जा रहा प्रदूषित पानी बर्दाश्त नहीं। प्रशासक प्रफुल पटेल ने आज जीपीसीबी के अधिकारियों को स्पष्ट भाषा में बता दिया कि किसी भी हालत में गुजरात के उद्यागों का गंदा पानी दमण के समुद्र में छोडने की इजाजत प्रशासन नहीं देगा। आज संघ प्रदेश दमण-दीव एवं दादरा नगर हवेली प्रशासक प्रफुल पटेल ने आज गुजरात राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के चेयरमैन एवं गुजरात राज्य के वन एवं पर्यावरण विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अरविंद अग्रवाल के साथ मोटी दमण सचिवालय में बैठककर चर्चा-विचारणा की। इस बैठक में संघ प्रदेश की ओर से प्रशासक के सलाहकार एस. एस. यादव, मुख्य वन संरक्षक तथा दमण-दीव एवं दानह प्रदूषण नियंत्रण समिति के सदस्य सचिव डॉ. के. रविचंद्रन भी मौजूद रहे। इस बैठक में वापी के उद्योगों द्वारा पाइपलाइन के माध्यम से दमण के समुद्र में ट्रीट किया हुआ प्रदूषित पानी छोडने पर विस्तार से चर्चा हुई। जिसमें नेशनल ग्रीन ट्रीब्युनल को दिये गये निर्देश पर भी बातचीत की गयी। सूत्रों से मिली जानकारी में बताया गया है कि प्रशासक प्रफुल पटेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि गुजरात के उद्योगों का गंदा पानी दमण के समुद्र में किसी भी हाल में छोडने नहीं देंगे। उन्होंने जीपीसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों को भी अन्य विकल्प ढूंढने की हिदायत दी। इस दौरान जीपीसीबी के अधिकारियों ने दमण के उद्योगों द्वारा भी प्रदूषित पानी छोडे जाने की बात कही। जिसके जवाब में प्रशासक प्रफुल पटेल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दमण के उद्योगों के प्रश्नों के लेकर आपको चिंता करने के जरुरत नहीं है, इसका मैं निराकरण करुंगा। लेकिन गुजरात के उद्योगों द्वारा हमारा समुद्र और नदी प्रदूषित नहीं होनी चाहिए, इसका ध्यान रखना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। दमण-दीव प्रशासन की अनुमति न होने के बावजूद गुजरात सरकार या जीपीसीबी पाइपलाइन डालने की कोशिश करती है तो हम उसे रोकेगें। प्रशासक प्रफुल पटेल ने जीपीसीबी के अधिकारियों को उमरगाम के समुद्र किनारे पाइपलाइन द्वारा ट्रीट किया हुआ प्रदूषित पानी छोडने की सलाह दी और इसमें यदि जरुरत पडेगी तो संघ प्रदेश प्रशासन वित्तीय सहयोग देने के लिए तत्पर होने की बात कही। ज्ञात हो कि प्रशासक प्रफुल पटेल द्वारा दमण के लोगों के हित में जीपीसीबी के अधिकारियों के समक्ष तीखा रवैया अपनाने से जीपीसीबी के अधिकारी आश्चर्यचकित हो गये।

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