कर्नाटक के माध्यम से भाजपा का दक्षिणी राज्यों में सत्ता का विजयरथ ''प्रवेश द्वार'' पर अटका - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
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  •         Tuesday, July 17, 2018
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  • संपादक : विजय भट्ट सह संपादक : संजय सिंह । सीताराम बिंद
  • कर्नाटक के माध्यम से भाजपा का दक्षिणी राज्यों में सत्ता का विजयरथ ''प्रवेश द्वार'' पर अटका
    - कर्नाटक के चुनाव नतीजों में मोदी लहर के सहारे भाजपा सबसे बडी पार्टी बनी लेकिन - कांग्रेस ने तुर्प का पत्ता खेलते हुए कम सीटों वाली जेडीएस को बिना शर्त सरकार बनाने के लिए दिया समर्थन - जेडीएस के सीएम दावेदार कुमार स्वामी ने राज्यपाल के समक्ष कांग्रेस के समर्थन से बहुमत विधायकों का समर्थन पत्र पेश कर सरकार रचने का किया दावा - भाजपा के सीएम दावेदार येदियुरप्पा ने भी सबसे बडी पार्टी का हवाला देकर राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया - कर्नाटक के राज्यपाल वजूभाई वाला के पाले में गेंद: राज्यपाल अपने विवेक अनुसार दोनों में से किसी को भी दे सकते हैं सरकार बनाने का आमंत्रण
    बेंगलुरु (ईएमएस) । कर्नाटक से होकर दक्षिणी राज्यों में सत्ता का विजयरथ दौड़ाने के लिए जोर लगा रही भाजपा 'प्रवेश द्वार' पर पहुंच गई है। राज्य विधानसभा चुनावों के मंगलवार को घोषित नतीजों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। हालांकि वह बहुमत का जादुई आंकड़ा हासिल नहीं कर सकी। अब तक के नतीजों में भाजपा को 104, कांग्रेस को 78, जेडीएस को 38 और अन्य को दो सीटें मिली हैं। कर्नाटक में भाजपा साम दाम दंड भेद अपनाकर सरकार बनाने में आमादा है। चुनाव परिणाम में जिस तरह की स्थिति सामने आई है उसके बाद भाजपा के लिए सरकार बनाने का रास्ता कठिन जरूर है, किंतु राज्यपाल की सहायता से कर्नाटक में भाजपा सरकार बनाने में सफल होगी। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में भाजपा को 104, कांग्रेस को 78, जेडीएस को 37, बसपा को 1, केपीजेपी को 1 तथा निर्दलीय 1 सीट पर पर विजयी हुआ है। कांग्रेस ने जद एस को बिना शर्त समर्थन दे दिया है। कांग्रेस और जेडीएस की संख्या 115 पहुंच रही है जो स्पष्ट बहुमत से चार ज्यादा है। सबसे बड़े दल के रूप में भाजपा ने सबसे पहले सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया है। राज्यपाल सबसे बड़े दल के रूप में भारतीय जनता पार्टी को सरकार बनाने का मौका देंगे। भाजपा की सरकार बन जाने के बाद भाजपा को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए जो समय मिलेगा। उस बीच तोड़-फोड़ करके अपनी सरकार के लिए बहुमत जुटाने का प्रयास करेगी।भारतीय जनता पार्टी जेडीएस में बगावत कराना चाहे तो उसे 13 विधायकों का अलग गुट बनाकर बगावत करानी होगी। भारतीय जनता पार्टी जेडीएस को दबाव में लाना चाहती है कि यदि वह भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर सरकार नहीं बनाते हैं तो उसके 13 विधायकों को तोड़कर एक नया गुट बनाने की दिशा में भाजपा के नेता जोड़-तोड़ में लग गए हैं।
    कर्नाटक के राज्यपाल पर भाजपा ने पूरा दबाव बना लिया है। सूत्रों के अनुसार सरकार बनाने के लिए यह येदियुरप्पा को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में राज्यपाल आमंत्रित करेंगे भाजपा को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए पर्याप्त समय भी राज्यपाल देंगे। जनता पार्टी के नेताओं को विश्वास है की कुमार स्वामी और एचडी देवगोडा या तो भाजपा के साथ हाथ मिलाएं या उनकी पार्टी में तोड़-फोड़ करके वह समर्थन हासिल करने तोड़-फोड़ कराएंगे। केंद्र और राज्यपाल का समर्थन होने के कारण जेडीएस के विधायकों में बगावत कराना आसान है। राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है की वर्तमान स्थिति को देखते हुए कर्नाटक में भाजपा की सरकार बनना तय है। यह अलग बात है कि विधानसभा में भाजपा अपना बहुमत साबित कर पाती है या नहीं। इसका पता तो जब विधानसभा में बहुमत साबित होगा तब पता लगेगा।
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