भाजपा की मोदी सरकार आरएसएस के दबाव में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितों के साथ कर रही है खिलवाड़ : केतन पटेल - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
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  • भाजपा की मोदी सरकार आरएसएस के दबाव में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितों के साथ कर रही है खिलवाड़ : केतन पटेल
    - दमण-दीव सहित देश के अनुसूचित जाति/जनजाति वर्गों के हितों के सवाल पर भाजपा का दोगला चेहरा हुआ उजागर : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष
    असली आजादी ब्यूरो, दमण 26 मार्च। दमण-दीव कांग्रेस अध्यक्ष केतन पटेल ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उत्पीड़न निरोधक कानून 1989 को कमजोर करने पर नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली केन्द्र की भारतीय जनता पार्टी की सरकार की कड़ी आलोचना की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केतन पटेल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी की कांग्रेस सरकार ने देश के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजातियों के उत्पीड़न और अन्याय को रोकने के लिए एससी-एसटी एक्ट्रोसिटी प्रिवेंशन एक्ट 1989 बनाया था उसे मोदी सरकार ने एक वर्ग विशेष के लोगों के बचाव में पंगु बनाने का काम किया है। इसके चलते अब अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोग उत्पीड़न होने पर मुकदमा नहीं दर्ज करा पाएंगे। क्योंकि मुकदमा दर्ज करने के पहले आरोपी लोक सेवक या सरकारी कर्मचारी के नियोक्ता अधिकारी (नियुक्ति प्राधिकारी) से पूर्व अनुमति लेनी पड़ेगी। अन्य आरोपियों के मामले में मुकदमा दर्ज करने के पहले जिले के सीनियर पुलिस सुप्रीटेंडेट के समक्ष बयान दर्ज कराना होगा और एसएसपी उत्पीड़न क्यों हुआ? इसकी तसल्ली करेंगे और ऑफिसर के संतुष्ट होने पर ही मुकदमा दर्ज करने या ना करने का फैसला होगा! दूसरी ओर मजिस्ट्रेट भी इस बात से संतुष्ट होने के बाद ही उत्पीड़न का केस दर्ज करने की सहमति देंगे जब वो पीडित के बयान से संतुष्ट होंगे, अन्यथा मुकदमा दर्ज नहीं किया जाएगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केतन पटेल का कहना था कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति उत्पीड़न कानून से संबंधित मामले में एक पक्ष में भाजपा की महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सही तरीके से पैरवी ही नहीं की। जब सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र सरकार, एटॉर्नी जनरल, सॉलिसिटर जनरल को नोटिस जारी करके भारत सरकार की राय जाननी चाही तो एटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल कोर्ट में पक्ष रखने गये ही नहीं, सिर्फ एडिशनल जनरल पहुंचे और खानापूर्ति करके चले आये। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केतन पटेल ने कहा कि एक्ट्रोसिटी एक्ट के प्रावधानों से संबंधित जादव कमेटी की सिफारिशों को मोदी सरकार द्वारा नजरअंदाज करने की वजह से यह कानून अब बिना दांत का हाथी हो चुका है। एक्ट्रोसिटी एक्ट मौजूदा स्वरूप में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्गों के लोगों के साथ होने वाले उत्पीड़न को रोकने में नाकाम हो गया है। कांग्रेस सरकार के बनाये एक्ट्रोसिटी एक्ट को कमजोर करके नरेन्द्र मोदी और भाजपा सरकार ने अनुसूचित जाति-जनजाति लोगों के उत्पीड़न की खुली छूट दे दी है। इससे अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्गों के साथ उत्पीड़न की घटनाएं बढेंगी, जिससे ऐसा करने वालों के हौसले और बुलंद होंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केतन पटेल ने आरोप लगाया कि भाजपा की नरेन्द्र मोदी सरकार आरएसएस के दबाव में देश के अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्गों के हितों के साथ खिलवाड़ कर रही है। साथ ही प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से इन वर्गों के लोगों के उत्पीड़न को बढ़ावा देने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों के समय भाजपा अनुसूचित जाति और जनजातीय वर्ग के लोगों के हितों की रक्षा करने की बड़ी-बड़ी बातें करती है और सत्ता में आते ही इन वर्ग के लोगों के रक्षण के लिए बने कानूनों को पंगु बनाने की दोगली हरकत करती है। एक्ट्रोसिटी एक्ट को खोखला बनाने की हरकत से एक बार फिर भाजपा और पीएम नरेन्द्र मोदी का दोहरा चरित्र सबके सामने आ गया है। आने वाले चुनावों में भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

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