दीव की महिलाओं को आज भी दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करना पड रहा है, यह दु:ख की बात:अमी पटेल - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
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  •         Tuesday, June 19, 2018
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  • संपादक : विजय भट्ट सह संपादक : संजय सिंह । सीताराम बिंद
  • दीव की महिलाओं को आज भी दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करना पड रहा है, यह दु:ख की बात:अमी पटेल
    - दीव के घोघला क्षेत्र की महिलाओं के साथ अमी पटेल ने बैठककर जानी उनकी समस्याएं
    - माछीमार बहुल इस इलाके में महिलाओं ने रोजगारी, मकान, खेती-मच्छीमारी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की कमी सहित की समस्याओं को केतन एनजीओ की उपाध्यक्षा अमी पटेल के समक्ष रखा - केतन एनजीओ एवं डॉ. रमणीकलाल मेडिकल रिलीफ एण्ड रिसर्च ट्रस्ट वुमेंस विंग ने तीनअसहायों को लिया गोद
    दीव, 15 अप्रैल। केतन एनजीओ की उपाध्यक्षा अमी पटेल ने कल दीव के माछीमार बहुल इलाके घोघला की महिलाओं के साथ मंथन बैठककर उनकी समस्याओं एवं जरुरतों को अच्छी तरह से समझा। महिलाओं ने अमी पटेल के समक्ष रोजगारी, मकान, खेती-मच्छीमारी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की कमी सहित कई छोटी-बडी समस्याओं को रखा। अमी पटेल ने महिलाओं की समस्याओं को सुना और उनकी हर तरह से मदद करने का भरोसा दिलाया। अमी पटेल ने महिलाओं से कहा कि दीव की महिलाओं की समस्याओं को सुनने और समझने के लिए ही उन्होंने दीव का दौरा किया है। उन्होंने बताया कि दीव की नारी शक्ति सभी चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम है। अमी पटेल ने महिलाओं से कहा कि आपके लिए जिस स्तर पर संघर्ष करना पडेगा या आवाज उठानी पडेगी मैं उठाउंगी। उन्होंने वुमेंस विंग की महिला हितैषी सोच से महिलाओं को अवगत कराते हुए कहा कि माताओं-बहनों को सुशिक्षित, आत्मनिर्भर, निडर और सशक्त बनाना ही संस्था का मकसद है। केतन एनजीओ एवं डॉ.रमणीकलाल मेडिकल रिलीफ एण्ड रिसर्च ट्रस्ट के सहयोग से वुमेंस विंग महिला हितैषी कार्यों को अंजाम देता है। कोई भी सेवाभावी महिला वुमेंस विंग से जुड़कर हमारे नारी सशक्तिकरण अभियान का हिस्सा बन सकती है,जिसकी सदस्यता नि:शुल्क है। यह सुनकर महिलाओं ने वुमेंस विंग के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जतायी। महिलाओं का कहना था कि यकीनन सारी बहनें एकजुट होकर कार्य करें तो समस्याओं से निजात पाना आसान हो जाएगा । अमी केतन पटेल ने समस्याओं और चुनौतियों से लड़ने के महिलाओं के अदम्य साहस की प्रशंसा की और कहा कि माताओं-बहनों में नारी चेतना और शक्ति का एहसास कराना वुमेंस विंग की सोच है, जिसे यहाँ साकार देखकर मुझे खुशी हो रही है। पत्रकारों के साथ बातचीत में अमी पटेल ने बताया कि दीव के लिए जो हम समृद्धि का चित्र दिखाते हैं सही में ऐसा नहीं है। दीव की महिलाओं को आज भी दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष करना पड रहा है जो अत्यंत दु:ख की बात है। दीव में उद्योग नहीं है, सिर्फ पर्यटन पर निर्भर है। ऐसे में प्रशासन को दीव की महिलाओं के लिए गृह उद्योग शुरु करवाना चाहिए। उन्होंने बताया कि दीव की महिलाओं की जो लगातार समस्याएं मैंने सुनी है उसमें रोजगार की कमी, स्वास्थ्य सेवा में खासकर प्रसुति की असुविधा शामिल हैं। केतन एनजीओ अपने स्तर पर इन समस्याओं के लिए जनता के साथ खडा है। संवाद के दौरान अमी केतन पटेल को जब दोनों नेत्रों से ज्योतिहीन एक असहाय महिला के बारे में पता चला तो उन्होंने उसी क्षण उक्त महिला को वुमेंस विंग की तरफ से गोद लेने का फैसला किया। एक छोटे अनाथ लड़के और छोटे पैरों वाले अविकसित कद-काठी के एक व्यक्ति की असहाय दशा के बारे में मालूम चलने पर संस्था उपप्रमुख अमी पटेल ने इन दोनों व्यक्तियों को भी गोद लेने का निश्चय किया और तीनों लाभार्थियों के घर छह महीने का खाद्यान्न पहुंचाने का बंदोबस्त कर दिया।

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