सीआरजेड संबंधित मुद्दों की समीक्षा करने के लिए बनी शैलेष नायक समिति की रिपोर्ट में दमण-दीव के लिए भी थे दिशानिर्देश - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
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  •         Tuesday, June 19, 2018
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  • सीआरजेड संबंधित मुद्दों की समीक्षा करने के लिए बनी शैलेष नायक समिति की रिपोर्ट में दमण-दीव के लिए भी थे दिशानिर्देश
    - उच्च ज्वार लाइन (हाई टाइड लाइन, ऌळछ) सीमांकन करने तथा कोस्टल जोन मैनेजमेंट प्लान (सीजेडएमपी) तैयार करने का भी था प्रस्ताव - 2011 के सीआरजेड नोटिफिकेशन के बाद प्रशासन की सुस्त रफ्तार एवं लापरवाही का खामियाजा तटीय क्षेत्र की जनता भुगत रही है - शैलेष नायक समिति ने केन्द्रशासित प्रदेशों की सरकारों के साथ-साथ स्थानीय अधिकारियों को सीआरजेड के बारे में फैसला लेने की शक्तियों को हस्तांतरण का भी प्रस्ताव दिया था
    असली आजादी ब्यूरो, दमण, 08 अप्रैल। दमण-दीव के सीआरजेड को लेकर लंबित पडे मामले में नया खुलासा हुआ है। केन्द्र सरकार द्वारा 2011 के सीआरजेड नोटिफिकेशन से संबंधित मुद्दों की समीक्षा के लिए शैलेष नायक समिति का गठन किया था। इस समिति ने सभी राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों से अपनी-अपनी समस्याएं एवं सीआरजेड संबंधी आ रही अडचनों के बारे में सुनवाई भी की थी। लेकिन शायद दमण-दीव के तत्कालीन अधिकारियों ने दमण-दीव की बात को ठोस तरीके से इस समिति के समक्ष रखना उचित नहीं समझा होगा। इसीलिए शैलेष नायक समिति की रिपोर्ट में दमण-दीव की समस्या को सुओ मोटो की तर्ज पर लेते हुए कई दिशा निर्देश भी प्रस्तावित किये थे। इन में से सबसे महत्वपूर्ण उच्च ज्वार लाइन (हाई टाइड लाइन, ऌळछ) सीमांकन करना था जो 1996 से नहीं किया गया था। इसके साथ-साथ इस समिति ने केन्द्रशासित प्रदेशों की सरकारों के साथ-साथ स्थानीय अधिकारियों को सीआरजेड के बारे में फैसला लेने की शक्तियों को हस्तांतरण का भी प्रस्ताव दिया था। सीआरजेड 3 में विकास के हेतु मौजूदा 200 मीटर की उच्च ज्वार लाइन (हाई टाइड लाइन, ऌळछ) की दूरी को सिर्फ 50 मीटर करने का भी प्रस्ताव दिया गया था। दमण-दीव प्रशासन के पास अभी भी समय है दमण-दीव की जनता के हित में प्रशासन को पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में उचित फॉलो-अप कर इस समिति की सिफारिशों एवं दिशानिर्देशों के बारे में जरुरी बातचीत करनी चाहिए। साथ ही साथ दमण-दीव प्रशासन द्वारा 2014 में आनन फानन में भेजे गये सीआरजेड संबंधी प्रस्तावों एवं सीआरजेड मेप की क्या स्थिति है उसे भी चेक करना होगा। अगर प्रशासन दमण-दीव की जनता को राहत देने का मन बनाये तो सीआरजेड की समस्या 2019 से पहले आसानी से हल हो सकती है।

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