2019 के लोकसभा चुनाव से पहले दमण-दीव मेंमतदाता हो जायेंगे 1 लाख 50 हजार के पार - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
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  •         Friday, October 19, 2018
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  • संपादक : विजय भट्ट सह संपादक : संजय सिंह । सीताराम बिंद
  • 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले दमण-दीव मेंमतदाता हो जायेंगे 1 लाख 50 हजार के पार
    - प्रदेश की आबादी के कम से कम 50 प्रतिशत मतदाता होने के चुनाव आयोग के मापदंड पर दमण-दीव प्रशासन का मंथन होगा शुरु
    - देश के सभी राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों की जन आबादी पर नजर रखने वाली वेबसाइट इंडिया पॉप्युलेशन 2018 के मुताबिक इस वर्ष के शुरु में 3 लाख के पार पहुंच गई है दमण-दीव की आबादी - दमण-दीव निर्वाचन विभाग 15 जून से शुरु कर रहा है घर-घर मतदाता अभियान - दो महीने तक बूथों पर भी मतदाता पंजीकरण के लिए बैठेंगे अधिकारी - निवास पहचान पत्र,आधार कार्ड एवं उम्र प्रमाण पत्र से नागरिकों को मिलेगा मतदाता बनने का अधिकार
    दमण 12 जून। 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले केन्द्रशासित प्रदेश दमण-दीव में मतदाताओं की तादाद 1 लाख 50 हजार के पार होने की संभावनाएं बढ गयी है। देश के सभी राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों की 2011 की जनगणना के बाद अनुमानित जनगणना पर वॉच रखने वाली इंडिया पॉप्युलेशन 2018 के मुताबिक इस साल के शुरु में दमण-दीव की आबादी 3 लाख को पार कर गयी है। किसी भी राज्य एवं केन्द्रशासित प्रदेश की आबादी के 50 प्रतिशत मतदाता होने के चुनाव आयोग के मापदंड पर प्रशासन के इलेक्शन डिपार्टमेंट ने कमर कसना शुरु कर दिया है। 15 जून से इलेक्शन की स्पेश्यल ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को दमण-दीव में घर-घर जाकर मतदाता के अधिकार से वंचित नागरिकों को मतदाता बनाने का अभियान शुरु हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सिर्फ दमण में ही 40 हजार ऐसे नागरिक है जो स्थायी निवास करते है दमण में लेकिन अबतक उन्हें मतदाता बनने का अधिकार नहीं मिला है। प्रशासन का टार्गेट ऐसे ही नागरिक है। दीव में मतदाता अधिकार से वंचित लोगों की संख्या सिर्फ 500 से 1000 तक ही है। दमण के दाभेल, भीमपोर, वरकुंड, दमण शहर के वॉर्ड नं. 3, 4, 11, 12, 13, 14, 15 में सबसे ज्यादा परप्रांतिय नागरिक निवास करते है। ऐसे में दमण-दीव प्रशासन इन क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान केन्द्रीत करेगा। घर-घर मतदाता अभियान के बाद भी लगातार दो महीने तक दमण-दीव के सभी बूथों पर कर्मचारी और अधिकारी तैनात रहेगें जो नये मतदाताओं को जोडने की प्रक्रिया जारी रखेगें। बताया जाता है कि इस बार प्रशासन द्वारा ऐसे सभी नागरिकों को मतदाता सूची से जोडना चाह रहा है जो वषार्ें से दमण में ही निवास कर रहा है लेकिन उसे अबतक दमण-दीव का मतदाता बनने का अधिकार नहीं मिला है। सूत्र यह भी बताते है कि रेसिडेंट प्रुफ जिसमें मकान मालिक द्वारा किराये पर घर देते समय दिया गया एग्रीमेंट और आधार कार्ड तथा उम्र प्रमाणपत्र के साथ आसानी से मतदाता बनने का अधिकार नागरिकों को मिल पायेगा। जो नागरिक दूसरे राज्यों एवं प्रदेशों के मतदाता है उन्हें अपना पूराना मतदाता कार्ड दमण इलेक्शन डिपार्टमेंट को सिर्फ जमा करवाना होगा। उन्हें अपने राज्यों एवं प्रदेशों में रद्द करवाने के लिए नहीं दोडना पडेगा। क्योंकि इलेक्शन डिपार्टमेंट ऑनलाइन ही उनके राज्यों में उनका नाम मतदाता सूची से हटवा देगा। गौरतलब है कि जनवरी 2018 में दमण-दीव की मतदाता सूची जारी की गयी थी जिसके मुताबिक 1 लाख 17 हजार के आसपास मतदाता पंजीकृत बताये गये थे। जिस प्रकार से प्रशासन ने मतदाता जोडों अभियान शुरु करने का मन बना लिया है उसे देखते हुए लग रहा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव तक दमण-दीव में मतदाताओं की तादाद आसानी से 1.50 लाख को पार कर जायेगी। यह भी उल्लेखनीय रहेगा की नये जुडने वाले मतदाताओं में से 90 प्रतिशत मतदाता परप्रांतिय होगंे। यह वहीं मतदाता होंगे जो वर्तमान में 40 हजार के पार है जो राष्ट्रीय राजनीति के तहत अपने मताधिकार का उपयोग करते है।
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