डब्ल्यूटीएम में विश्व के समक्ष सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन एवं आध्यात्मिक स्थलों को पेश करने में सफल रहा भारत - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
  •  

  • RNI NO - DDHIN/2005/16215 Postal R.No.:VAL/048/2012-14

  • देश-विदेश
  • विचार मंथन
  • दमण - दीव - दानह
  • गुजरात
  • लिसेस्टर
  • लंदन
  • वेम्बली
  • संपर्क

  •         Saturday, November 18, 2017
  • Gallery
  • Browse by Category
  • Videos
  • Archive
  • संपादक : विजय भट्ट सह संपादक : संजय सिंह । सीताराम बिंद
  • डब्ल्यूटीएम में विश्व के समक्ष सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन एवं आध्यात्मिक स्थलों को पेश करने में सफल रहा भारत
    - आध्यात्मिकता अनादिकाल से भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रही है : आसिस्टेंट डायरेक्टर सी. गंगाधर - कई देशों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने पर्यटन स्थलों की जानकारियों का किया आदान-प्रदान - वर्ल्ड ट्रावेल मार्केट भारत के लिए पर्यटन स्थलों के लिए महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है : आसिस्टेंट डायरेक्टर - भारत एनआरआई केशव बटाक ने आज डब्ल्यूटीएम में पहुंचकर भारत की स्टॉलों को निहारा, स्टॉल पर आने वाले प्रतिनिधियों को केशव बटाक ने भारत की विशेषताओं से कराया रूबरू - 100 से अधिक देशों ने अपने-अपने देशों की विशेषताओं को डब्ल्यूटीएम में झांकी के रुप में किया प्रस्तुत
    असली आजादी ब्यूरो, लंदन 7 नवंबर। वर्ल्ड ट्रावेल मार्केट लंदन में आज भी पर्यटन उद्योग से जुड़े ट्रावेल एजेंटों तथा पर्यटन देशों के प्रतिनिधियों ने सभी स्टॉलों का दौरा किया। इस दौरान प्रतिनिधियों ने अपने-अपने देशों की पर्यटन संबंधी जानकारी एक-दूसरे के साथ आदान-प्रदान की। लंदन के इस वर्ल्ड ट्रावेल मार्केट में हजारों की तादाद में पूरे विश्व के लोग पहुंचते है। इस बार भी बड़ी संख्या में यूरोप, अमेरिका, भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान, गर्ल्फ कंट्री एवं चाइना समेत के देशों के कई लोग पर्यटन मेले में पहुंचे है। पर्यटन उद्योग से जुड़े लोग एवं पर्यटक देशों के प्रतिनिधियों ने बताया कि हम इस डब्ल्यूटीएम का पूरा दौरा करते हैं तो हमें लगता है हमने पूरी दुनिया का दौरा एक ही दिन में कर लिया। विश्व के इस प्रसिद्ध पर्यटन मेले वर्ल्ड ट्रावेल मार्केट में दुनिया के 100 से अधिक देशों ने अपने यहां के पर्यटन स्थल, संस्कृति एवं अपने-अपने देशों की विशेषताओं को डब्ल्यूटीएम में झांकी के रुप में प्रस्तुत किया है। इस तरह पर्यटन से जुड़े देशों को वर्ल्ड ट्रावेल मार्केट ने एक ऐसा प्लेटफॉर्म दिया है जिसके माध्यम से पूरी दुनिया तक अपने देश की संस्कृति, पर्यटन स्थल एवं अपने-अपने देश की विशेषताओं को आसानी से पहुंचा पा रहे हैं। भारत के भी विभिन्न राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों ने अपने-अपने यहां के पर्यटन स्थलों, सांस्कृतिक विरासतों, आध्यत्मिक स्थलों का प्रदर्शन कर दुनिया को अपनी ओर आकर्षित करने का फिर एक बार प्रयास किया है। इनक्रेडिबल इंडिया यानि कि अतुल्य भारत के आसिस्टेंट डायरेक्टर सी. गंगाधर ने बताया कि इस बार भारत की इस स्टॉल पर बड़ी संख्या में पर्यटन उद्योग से जुड़े लोग आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि विश्व के अनेक देशों की प्रसिद्ध ट्रावेल कंपनियों ने भी भारत के पर्यटन में दिलचस्पी दिखायी है। उन्होंने बताया कि पिछले कई वर्षों से भारत द्वारा विश्व के बड़े पर्यटन मेलों में हिस्सा लेकर भारत की सांस्कृतिक विरासतों को पेश किया जा रहा है, जिससे भारत के पर्यटन उद्योग को काफी बल मिला है। उन्होंने वर्ल्ड ट्रावेल मार्केट को भारत के लिए महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बताते हुए कहा कि इस प्रसिद्ध ट्रावेल मार्केट के माध्यम से भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन स्थलों, आध्यात्मिक स्थलों एवं भारत की अनेकता में एकता को एक माला में पिरोकर प्रस्तुत करने में सफल रहा है। सी. गंगाधर ने बताया कि दुनिया भर के ट्रावेल एजेंटों से कहा गया है कि आप भारत आइए अतुल्य भारत आपका स्वागत करता है। इस अवसर पर उन्होंने देश की पर्यटन एवं संस्कृति सचिव रश्मि वर्मा एवं पर्यटन मंत्री, पर्यटन मंत्रालय, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है। भारत के एनआरआई केशव बटाक ने भी आज डब्ल्यूटीएम में भारत के विभिन्न राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों की लगाई गई स्टॉलों का दौरा किया। केशव बटाक ने स्टॉल पर जाकर भारत के पर्यटन संबंधी प्रचार-प्रसार को रूबरू जाना। इस दौरान केशव बटाक ने स्टॉल पर पर्यटन उद्योगों से जुडे आने वाले प्रतिनिधियों को भारत की विशेषताओं से अवगत कराया। साथ ही दमण-दीव प्रशासन द्वारा प्रशासक प्रफुल पटेल के 365 दिनों के ऐतिहासिक निर्णयों एवं कार्यों को रेखांकित करती पुस्तक को भी देखा। साथ ही केशव बटाक ने भारत की स्टॉलों पर आने वाले कई देशों के पर्यटन उद्योगों के प्रतिनिधियों को अपने हाथों से दमण-दीव प्रशासन के 365 दिन की यह पुस्तक भेंट की। गौरतलब है कि भारत सदियों से आध्यात्मिकता का केन्द्र है। आध्यात्मिकता जीवन का एक ऐसा अनुभव है। आध्यात्मिकता अनादिकाल से भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रही है। आध्यात्मिक होने का मतलब है, जो भौतिक से परे है, उसका अनुभव कर पाना। अगर आप सृष्टि के सभी प्राणियों में भी उसी परम-सत्ता के अंश को देखते हैं, जो आपमें है, तो आप आध्यात्मिक हैं। इसलिए भारत में इस बार की अपनी थीम भारत की सदियों पुरानी यानि आदि-अनादिकाल से ऋषि-मुनियों के काल से चली इसी आध्यात्मिक साधना को अपनाया है। आध्यात्किता का सार यह है कि यह अपने अंदर तलाशने के बारे में है। साधना एक ऐसी विधि है, जिससे पूरी जागरुकता के साथ आध्यात्मिक विकास की गति को तेज किया जा सकता है। इसलिए डब्ल्यूटीएम में इस बार भारत की झांकी स्पिरियुचल इंडिया पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केन्द्र है। क्योंकि आज सभी आध्यात्मिक रूप से शांति, प्रेम एवं जीवन चाहते है और भारत के पास तो आध्यात्मिकता की असीम धरोहर है।
    FLICKER
    Download Asliazadi's apple and android apps
    फोटो गैलरी
    वीडियो गैलरी
    POLLS