राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डायरेक्टर गुरप्रीत सिंह द्वारा की गई भर्ती प्रक्रिया का मुद्दा गर्माया - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
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  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डायरेक्टर गुरप्रीत सिंह द्वारा की गई भर्ती प्रक्रिया का मुद्दा गर्माया
    - एनएचएम की डायरेक्टर एवं कार्मिक विभाग संभाल रही गुरप्रीत सिंह ने 90 प्रतिशत दमण-दीव से बाहर के उम्मीदवारों का चयन कर स्थानीय उम्मीदवारों को किया दरकिनार - स्थानीय उम्मीदवारों में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश, प्रशासन आया शंका के दायरे में - संघ प्रदेशों के मुखिया यानि प्रशासक प्रफुल पटेल स्थानीय युवाओं को मौका देने के लिए प्रयासरत, उनके ही अधीनस्थ अधिकारी स्थानीय युवाओं को मौका देने से कर रहे है वंचित
    असली आजादी ब्यूरो,
    दमण 30 नवंबर। दमण-दीव प्रशासन के स्वास्थ्य विभाग के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डायरेक्टर द्वारा सरकारी भर्ती प्रक्रिया में केन्द्रशासित प्रदेश दमण-दीव के बाहर के उम्मीदवारों का चयन करने का मुद्दा गर्माया गया है। संघ प्रशासन की सरकारी नौकरियों में अन्य राज्यों के उम्मीदवारों की भर्ती करने से स्थानीय उम्मीदवारों में काफी रोष व्याप्त है। इस भर्ती प्रक्रिया से पूरा संघ प्रशासन शंका के दायरे में आ गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की डायरेक्टर एवं कार्मिक विभाग संभाल रही गुरप्रीत सिंह ने स्वास्थ्य विभाग में 90 प्रतिशत भर्ती दमण-दीव से बाहर के राज्यों के उम्मीदवारों की है। अब सवाल यह उठ रहा है कि केन्द्रशासित प्रदेशों के मुखिया एक तरफ जहां सरकारी नौकरियों में स्थानीय युवाओं को मौका देने की बात करते है, तो वहीं उनके अधीनस्थ अधिकारी स्थानीय युवाओं को दरकिनार कर अन्य राज्यों के उम्मीदवारों को दमण-दीव प्रशासन की सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दे रहे है। ऐसे में अब स्थानीय उम्मीदवारों को प्रशासन के खिलाफ बोलने का मौका मिल गया है। हाल ही में एक कार्यक्रम में केन्द्रशासित प्रदेशों के मुखिया प्रशासक प्रफुल पटेल ने मंच से कहा था कि संघ प्रशासन में 1300 पदों के लिए नौकरी निकली है, स्थानीय युवा आगे आकर ज्यादा से ज्यादा आवेदन करे और अपनी योग्यता एवं क्षमता के अनुसार सरकारी नौकरी पाये। यानि मुखिया स्थानीय युवाओं का मौका देने की बात करते है, तो वहीं उनके अधीनस्थ अधिकारी स्थानीय युवाओं को मौके से वंचित कर रहे है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की डायरेक्टर एवं कार्मिक विभाग संभाल रही गुरप्रीत सिंह द्वारा स्वास्थ्य विभाग की सरकारी नौकरियों में अन्य राज्यों के उम्मीदवारों के चयन करने का मुद्दा गहराया गया है। अब सवाल यह खडा हो गया है कि क्या केन्द्रशासित प्रदेशों के मुखिया इस भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय युवाओं के साथ हुए अन्याय पर क्या कार्रवाई करते है। यदि संघ प्रशासन के 1300 पदों पर इसी तरह अधिकारियों ने अपनी मनमानी की तो सभी पदों पर दमण-दीव से बाहर के उम्मीदवारों को नियुक्त कर दिया जायेगा, जो कि सरासर शिक्षित स्थानीय युवाओं के साथ अन्याय है। गौरतलब है कि प्रशासक प्रफुल पटेल स्थानीय युवाओं को हर तरह से स्वनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत है। प्रशासन की 1300 सरकारी नौकरियों में प्रशासक ने स्थानीय उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने की बात कहीं है। प्रशासक प्रफुल पटेल ने दमण-दीव की सरकारी नौकरियों में स्थानीय युवाओं को ज्यादा से ज्यादा मौका देने की बात अपने अधीनस्थ अधिकारियों से कही है। लेकिन प्रशासन के अधिकारी अपनी मनमानी करने में लगे है। इसी का नतीजा है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डायरेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न पदों पर 90 प्रतिशत भर्ती दमण-दीव के बाहर के अन्य राज्यों के उम्मीदवारों की है। यह भर्ती प्रक्रिया ने विवाद खडा कर दिया है। स्थानीय युवाओं में इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर काफी रोष है।
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