मच्छीमारी के दौरान भारतीय सीमा को पार न करें मछुआरे : प्रशासक प्रफुल पटेल - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
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  •         Tuesday, September 26, 2017
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  • मच्छीमारी के दौरान भारतीय सीमा को पार न करें मछुआरे : प्रशासक प्रफुल पटेल
    - दीव में मछुआरों के लिए हुआ सामुदायिक पारस्परिक संवाद कार्यक्रम
    - मछुआरों की सुरक्षा और सुविधा के लिए केन्द्र सरकार एवं संघ प्रशासन है कटिबद्ध : प्रफुल पटेल - प्रशासक प्रफुल पटेल, फिशरीज सचिव उमेश कुमार त्यागी, दीव कलेक्टर पी. एस. जानी, दमण कोस्टगार्ड के कमान अधिकारी डीआईजी सिद्धार्थ सूद, कोस्टगार्ड डीआईजी आशीष श्रीवास्तव, कृषि सचिव दीपक कुमार, दीव जिला पंचायत उपप्रमुख अश्विनी भरत ने नील क्रांति मार्गदर्शिका पुस्तक का किया विमोचन - कोस्टगार्ड डीआईजी आशीष श्रीवास्तव ने मछुआरों को लाइफ जैकेट पहनकर ही मच्छीमारी करने की दी हिदायत - फिशरीज सेक्रेटरी उमेश कुमार त्यागी ने मछुआरों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की दी जानकारी - संकट के समय मछुआरे 1554 एवं 1093 हेल्पलाइन पर संपर्क कर कोस्टगार्ड से प्राप्त कर सकते है सहायता - प्रशासक के निर्देश पर दीव के मछुआरों के लिए नील क्रांति मार्गदर्शिका का गुजराती भाषा में किया गया अनुवाद
    दीव 5 जुलाई। संघ प्रदेश दमण-दीव एवं दादरा नगर हवेली प्रशासक प्रफुल पटेल दीव दौरे के दूसरे दिन मछुआरोें के लिए आयोजित सामुदायिक पारस्परिक संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर प्रशासक प्रफुल पटेल, फिशरीज सचिव उमेश कुमार त्यागी, दीव कलेक्टर पी. एस. जानी, दमण कोस्टगार्ड के कमान अधिकारी डीआईजी सिद्धार्थ सूद, कोस्टगार्ड डीआईजी आशीष श्रीवास्तव, कृषि सचिव दीपक कुमार, दीव जिला पंचायत उपप्रमुख अश्विनी भरत, रामजी पारसमणि, पूजा बामणिया सहित माछीमार अग्रणी एवं मछुआरा संघ मौजूद रहा। इस अवसर पर मछुआरों की सुरक्षा एवं योजनाओं पर आधारित नील क्रांति मार्गदर्शिका पुस्तक का विमोचन किया गया। प्रशासक प्रफुल पटेल ने मछुआरों को संबोधित करते हुए कहा कि मच्छीमारी के दौरान भारतीय सीमा को पार न करें। क्योंकि पाकिस्तान द्वारा बंदी बनाये जाने के बाद आपकी रिहाई के लिए भारत सरकार को काफी दिक्कतों का सामना करना पडता है। उन्होंने कहा कि मछुआरों कि सुरक्षा एवं सुविधा के लिए केन्द्र सरकार एवं संघ प्रदेश प्रशासन कटिबद्ध है। प्रफुल पटेल ने कहा कि भारत सरकार मछुआरों को बोट एंव इंजन खरीदने के लिए सब्सिडी देती है। मछुआरों के लिए डीजल पर भी 0 प्रतिशत वैट है। उन्होंने कहा कि आधुनिक संसाधनों से बोट लैस होने के बाद भी मछुआरे भारतीय सीमा पार कर जाते है, जिसका खामियाजा उनके परिवार सहित स्थानीय प्रशासन और भारत सरकार को उठाना पडता है। प्रशासक प्रफुल पटेल ने कहा कि दीव में 1500-1700 मछुआरा परिवार है, भारत सरकार इन मछुआरों को हर वर्ष बडे पैमाने पर सब्सिडी देती है। प्रशासक प्रफुल पटेल ने कहा कि मछुआरों के लिए एक मोबाइल एप्स आ गया है जिसे अपने मोबाइल में डाउनलोड करके मछुआरे पता कर सकेंगे कि किस विस्तार में ज्यादा मछलियां है। प्रशासक प्रफुल पटेल ने इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से मौजूद रहकर मछुआरों को सुरक्षा संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कोस्टगार्ड के अधिकारियोंे का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही इस कार्यक्रम में बडी संख्या में उपस्थित रहने के लिए मछुआरों को अभिनंदन भी दिया। फिशरीज सेक्रेटरी उमेश कुमार त्यागी ने मछुआरों को सुरक्षा संबंधी जानकारी एवं मछुआरों के लिए केन्द्र तथा संघ प्रशासन द्वारा चलाई जा रही है योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प 2022 तक कृषि क्षेत्र से संबंधित किसान, मछुआरों, डेयरी वालों की आय दुगुनी करने की जानकारी देते हुए इस दिशा में बनाने की बात कहीं। दीव जिला पंचायत उपप्रमुख अश्विनी भरत ने इस कार्यक्रम में उपस्थित रहने के लिए प्रशासक प्रफुल पटेल, कोस्टगार्ड के अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों एवं मछुआरों का आभार व्यक्त करते हुए वणाकबारा के मछुआरों की समस्याओं को बताया। उन्होंने बताया कि दीव के 60 प्रतिशत लोग मच्छीमारी से जुडे हुए है ऐसे में कृषि की तरह मिलने वाले लाभ मछुआरों को भी दिये जाये। कोस्टगार्ड डीआईजी आशीष श्रीवास्तव ने मछुआरों को सुरक्षा बावत जानकारी देते हुए कहा कि दमण-दीव प्रशासन एवं कोस्टगार्ड का अपना अलग-अलग काम है। उन्होंने कहा कि आपकी जिंदगी बचाना हमारा लक्ष्य है। मछुआरों को समुद्र में मच्छीमारी करने जाते समय लाइफ जैकेट पहनने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि यदि मछुआरा पानी में गिरता है तो लाइफ जैकेट पहना रहेगा तो कम से कम 8 से 10 घंटा पानी में तैरकर जिंदा रह सकता है और समय रहते बचाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि अकेले न जाकर ग्रुप में फिशिंग करें। मच्छीमारी करने जाने से पहले मोबाइल एप्स के जरिये पता कर ले कि किस विस्तार में ज्यादा मछलियां है। उन्होंने बताया कि मच्छीमारी के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या होने पर 1554 एवं 1093 पर संपर्क करके सहायता प्राप्त की जा सकती है। दीव जिला कलेक्टर पी. एस. जानी ने मछुआरों के लिए आयोजित कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित रहने के लिए प्रशासक प्रफुल पटेल, कोस्टगार्ड के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों का विशेष धन्यवाद मानता हूं। उन्होंने कहा कि मछुआरों को दी गई सुरक्षा संबंधी जानकारी काफी लाभदायक साबित होगी। प्रशासक प्रफुल पटेल के निर्देश पर दीव के मछुआरों के लिए नील क्रांति मार्गदर्शिका का अंग्रेजी से गुजराती भाषा में अनुवाद किया गया, जिससे कि मछुआरे खुद पढकर सुरक्षा के मानक एवं योजनाओं के बारे में जान सकें। शाम को कलेक्टर सहित के अधिकारियों की उपस्थिति में जलंधर सर्किट हाउस पर प्रशासक प्रफुल पटेल को गॉर्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद प्रशासक प्रफुल पटेल कोस्टगार्ड के हेलीकॉप्टर से दमण के लिए रवाना हो गये। देर शाम तक प्रशासक प्रफुल पटेल दमण पहुंच गये थे।

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