जोर पकडने लगी है अभद्र और अश्लील भाषा पर नकेल कसने मुहिम - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
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  •         Tuesday, November 21, 2017
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  • संपादक : विजय भट्ट सह संपादक : संजय सिंह । सीताराम बिंद
  • जोर पकडने लगी है अभद्र और अश्लील भाषा पर नकेल कसने मुहिम
    जीवन के लिये जरूरी निर्मल जल की उपलब्धता बनाये रखने के लिये नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने की मुहिम से हम सब वाकिफ है मगर सभ्य समाज के बीच नासूर की तरह पनप रही अभद्र और अश्लील भाषा के बढते प्रचलन के खिलाफ अब समाज के एक तबके ने कमर कसी है और उनकी यह मुहिम तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
    सृजन साहित्यतिक एवं सामाजिक सेवा संस्थान ने अपनी इस अनूठी मुहिम को "शब्द गंगा प्रदूषण मुक्ति अभियान" का नाम दिया है। अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अलावा सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों को पत्र लिखकर सरकारी विभागों में अभद्र भाषा के इस्तेमाल की रोकथाम की गुहार लगायी गयी है।
    संस्था के संस्थापक और संचालक विनय दीक्षित ने "यूनीवार्ता" से कहा कि देश की पहचान उसकी संस्कृति और सभ्य समाज से होती है। संस्कृति के तौर पर हम इतने धनवान है कि इस देश की संस्कृति कई पश्चिमी देश अपना रहे है मगर विविधता से भरे इस देश में पिछले कुछ दशकों से बोलचाल की भाषा में अभद्र और अश्लील जुमलों के प्रचलन की बाढ से सांस्कृतिक धरोहर खतरे में दिखायी देती है।
    उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक शोध से यह साबित हो चुका है कि मुंह से निकले शब्द कभी नष्ट नही होते अपितु बृहमांड में मौजूद ईथर नामक तत्व की मदद से काफी तेज गति से विचरण करते रहते हैं। चुंबकीय प्रभाव से इन शब्दों को फिर से संयोजित किया जा सकता है।

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