दीव की बेशकीमती जमीन पर ओआईडीसी के फाइव स्टार होटल प्रोजेक्ट पर मंडराये विवाद के बादल - Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli Asli Azadi Hindi News paper of Union territory of daman-diu & Dara nagar haveli
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  •         Saturday, November 17, 2018
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  • दीव की बेशकीमती जमीन पर ओआईडीसी के फाइव स्टार होटल प्रोजेक्ट पर मंडराये विवाद के बादल
    - ओआईडीसी को सरकारी जमीन न दी जाएं: शशिकांत सोलंकी - दीव जिला पंचायत अध्यक्ष शशिकांत सोलंकी ने इस बावत प्रशासक को लिखा पत्र - ओआईडीसी द्वारा सरकारी जमीन पर होटल एवं परियोजनाओं का निर्माण कार्य शुरू - अगर ओआईडीसी को सरकारी जमीन मंजूर की गई तो धरना एवं भूख हडताल का रास्ता अपनायेंगे : दीव जिला पंचायत
    दीव 30 मार्च। दीव जिला पंचायत अध्यक्ष शशिकांत सोलंकी एवं दीव ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने प्रशासक को पत्र लिखकर ओआईडीसी को सरकारी जमीन न दिये जाने की गुजारिश की है। दीव जिला पंचायत अध्यक्ष शशिकांत सोलंकी तथा सरपंचो ने ओआईडीसी अथवा किसी भी सरकारी विभाग को होटल निर्माण के लिए शहरी विस्तार एवं ग्रामीण विस्तार में जमीन नहीं देने की बात कही है और इस पर आपत्ति जताई है। उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि जिला पंचायत तथा ग्राम पंचायत की आपत्ति के बावजूद ओआईडीसी ने नागवा मुख्य मार्ग पर होटल सहित के निर्माण पर परियोजना शुरु कर दी है। गौरतलब है कि दीव छोटा सा द्वीप समूह है और सरकारी जमीन की भारी कमी है। इसके बावजूद प्रशासन ने ओआईडीसी को सरकारी जमीन मंजूरी की है जबकि दमण प्रशासन ने ओआईडीसी को कोई बडी जमीन मंजूर नहीं की है। गुजरात तथा भारत के अन्य राज्यों में गौचारे के लिए सरकारी जमीन आरक्षित की जाती है। दीव के नागवा मुख्य मार्ग पर जो सरकारी जमीन ओआईडीसी को मंजूर करने का प्रस्ताव है। उस पर किसानों द्वारा पिछले 60-80 वर्षों से जानवरों को घास खिलाने के लिए इस्तेमाल की जा रही है। दूसरा मामला यह है जो प्रशासक को पत्र द्वारा अवगत कराया गया है। वह नर्मदा के पानी को दीव जिले में पेयजल इस्तेमाल के लिए बिछाई जा रही पाइपलाइन के कार्य बावत है जो पिछले डेढ वर्ष से पूरा नहीं किया गया है। कई जगहों पर पाइपलाइन बिछाने के बाद ओआईडीसी द्वारा सरकारी मार्ग की मरम्मत नहीं की गई है। शशिकांत सोलंकी तथा सरपंचों ने प्रशासक को पत्र के माध्यम से बताया है कि ग्राम पंचायत, जिला पंचायत तथा दीव के ग्रामीण विस्तारों के विभिन्न समुदायों के पटेलों ने ओआईडीसी को सरकारी जमीन मंजूर करने पर कडी आपत्ति जताई है। लेकिन ग्रामवासियों द्वारा रैली निकाले जाने के बावजूद सरकारी जमीन ओआईडीसी को मंजूर करने की प्रक्रिया दोहरायी जा रही है। पत्र में यह भी कहा है कि यदि ओआईडीसी को सरकारी जमीन मंजूर की गई तो गांधीजी के रास्ते पर धरना और भूख हडताल करने के अलावा कोई चारा नहीं रहेगा। प्रशासक इस मामले में तुरंत कार्रवाई करें और जनहित में ओआईडीसी को सरकारी जमीन देने पर रोक लगाये ऐसी गुजारिश दीव जिला पंचायत अध्यक्ष शशिकांत सोलंकी एवं दीव सरपंचों ने की है।

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